MP : मध्य प्रदेश सरकार राज्य में समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए 12 मई, 2026 को दिल्ली में UCC कमेटी की पहली बैठक बुलाई गई है। मुख्यमंत्री मोहन
MP : मध्य प्रदेश सरकार राज्य में समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए 12 मई, 2026 को दिल्ली में UCC कमेटी की पहली बैठक बुलाई गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस पूरे काम की जिम्मेदारी गृह विभाग को सौंपी है ताकि जल्द से जल्द ड्राफ्ट तैयार किया जा सके।
UCC कमेटी में कौन-कौन शामिल होंगे?
मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद इस पांच सदस्यीय कमेटी के सदस्यों का चुनाव करेंगे। इस टीम में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद, यूनिवर्सिटी के पूर्व या वर्तमान कुलपति, सामाजिक कार्यकर्ता और वकील शामिल हो सकते हैं। यह कमेटी कानून का पूरा खाका तैयार करेगी।
आगे की क्या प्रक्रिया होगी?
कमेटी सबसे पहले उत्तराखंड और गुजरात के UCC मॉडल का अध्ययन करेगी। इसके बाद एक ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा जिसे राज्य कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य साल 2026 के अंत तक या उससे पहले UCC लागू करने का है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
MP में UCC कब तक लागू हो सकता है?
मध्य प्रदेश सरकार का लक्ष्य साल 2026 के अंत तक या उससे पहले समान नागरिक संहिता (UCC) को राज्य में लागू करने का है।
UCC कमेटी का मुख्य काम क्या होगा?
कमेटी उत्तराखंड और गुजरात के UCC मॉडल की स्टडी करेगी और इसके आधार पर मध्य प्रदेश के लिए एक ड्राफ्ट तैयार करेगी जिसे कैबिनेट और विधानसभा में भेजा जाएगा।