MP और Delhi: ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) के आह्वान पर 21 मई से 23 मई 2026 तक देशभर में ‘चक्काजाम’ शुरू हुआ है। इस हड़ताल का असर मध्य प्रदेश और दिल्ली-NCR के बीच चलने वाले मालवाहक ट्रकों पर पड़
MP और Delhi: ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) के आह्वान पर 21 मई से 23 मई 2026 तक देशभर में ‘चक्काजाम’ शुरू हुआ है। इस हड़ताल का असर मध्य प्रदेश और दिल्ली-NCR के बीच चलने वाले मालवाहक ट्रकों पर पड़ा है, जिससे व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है। इंदौर ट्रक ऑपरेटर्स और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन सहित मध्य प्रदेश के कई ट्रांसपोर्टरों ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया है।
ट्रक ड्राइवर क्यों कर रहे हैं हड़ताल
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि कमर्शियल वाहनों पर बढ़ता Green Tax और पुरानी गाड़ियों पर लगाई गई सख्त पाबंदियों की वजह से उनका काम करना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा डीजल और टायरों की बढ़ती कीमतों ने लागत बढ़ा दी है, जबकि माल की आवाजाही कम हुई है। इंदौर ट्रक ऑपरेटर्स और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सी.एल. मुकाती और वरिष्ठ ट्रांसपोर्टर विजय कालरा ने इन समस्याओं को लेकर विरोध जताया है।
आम जनता और बाजार पर क्या होगा असर
दिल्ली-NCR और मध्य प्रदेश के बीच रोजाना चलने वाले करीब 60 से 70 भारी वाहनों के रुकने से सप्लाई चेन टूट गई है। इससे बाजार में कई जरूरी चीजों की कमी हो सकती है। मुख्य रूप से इन सामानों की किल्लत होने की संभावना है:
- मसाले, कपड़े और तैयार गारमेंट्स
- किराना सामान, ड्राई फ्रूट्स और इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद
- फल, सब्जियां, बर्तन और हार्डवेयर का सामान
- ऑटो पार्ट्स और क्रॉकरी
दिल्ली-NCR के इलाकों में फलों और सब्जियों की सप्लाई पर भी इसका सीधा असर पड़ा है, जिससे आने वाले दिनों में कीमतों में बदलाव देखा जा सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ट्रकों की यह हड़ताल कब तक चलेगी
यह चक्काजाम 21 मई 2026 से शुरू हुआ है और 23 मई 2026 तक चलने वाला है।
इस हड़ताल से किन चीजों की किल्लत हो सकती है
मसाले, कपड़े, फल-सब्जियां, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटो पार्ट्स जैसे जरूरी सामानों की सप्लाई प्रभावित होगी, जिससे बाजार में इनकी कमी हो सकती है।