Motihari में जमीन सर्वे का काम तेज, बरवा-खजूरिया-हसुआहा का सीमांकन पूरा; अब खत्म होंगे भूमि विवाद

Bihar: मोतिहारी जिले के बरवा, खजूरिया और हसुआहा गांवों में जमीन का सीमांकन कार्य पूरा कर लिया गया है। बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण 2026 के तहत किए गए इस काम से अब राजस्व सीमाएं पूरी तरह स्पष्ट हो जाएंगी। इससे स्थानीय लोगों

Bihar: मोतिहारी जिले के बरवा, खजूरिया और हसुआहा गांवों में जमीन का सीमांकन कार्य पूरा कर लिया गया है। बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण 2026 के तहत किए गए इस काम से अब राजस्व सीमाएं पूरी तरह स्पष्ट हो जाएंगी। इससे स्थानीय लोगों के लिए जमीन से जुड़े पुराने विवादों को सुलझाना काफी आसान हो जाएगा।

सर्वेक्षण की अब तक की प्रगति और नियम क्या हैं?

हरसिद्धि अंचल में सर्वे का काम तेजी से चल रहा है और 23 मई 2026 तक 15 राजस्व गांवों में सीमा सत्यापन का काम पूरा हो चुका है। बंदोबस्त पदाधिकारी Vivek Kumar ने साफ किया है कि जमीन की मापी और सत्यापन के समय भूस्वामी यानी रैयत का वहां मौजूद रहना जरूरी है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि बाद में कोई आपत्ति न हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे।

आम लोगों को इस सर्वे से क्या फायदा होगा?

इस अभियान का मुख्य मकसद जमीन के विवादों को हमेशा के लिए खत्म करना है। सर्वे पूरा होने के बाद सभी जमीन के कागजात डिजिटल कर दिए जाएंगे जिससे रिकॉर्ड निकालना आसान होगा। मोतिहारी में यह काम अगस्त 2024 से शुरू हुआ था जिसमें 1261 राजस्व ग्रामों में कैंप लगाए गए थे।

राज्य स्तर पर क्या है लक्ष्य और तैयारी?

बिहार सरकार ने पूरे राज्य में विशेष भूमि सर्वेक्षण का काम दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। काम में तेजी लाने के लिए मोतिहारी समेत 24 जिलों में विभागीय अधिकारियों की तैनाती की गई है। ये अधिकारी समय-समय पर कैंप का निरीक्षण करेंगे और अपनी रिपोर्ट सीधे पटना भेजेंगे ताकि काम में कोई ढिलाई न हो।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मोतिहारी में भूमि सर्वेक्षण का काम कब तक पूरा होगा?

बिहार सरकार ने राज्यव्यापी विशेष भूमि सर्वेक्षण को पूरा करने की समयसीमा दिसंबर 2026 तय की है।

जमीन की मापी के समय रैयत की मौजूदगी क्यों जरूरी है?

बंदोबस्त पदाधिकारी के अनुसार, रैयत की मौजूदगी में मापी होने से प्रक्रिया निष्पक्ष रहती है और भविष्य में किसी भी तरह के विवाद या आपत्ति की गुंजाइश नहीं रहती।