Maharashtra, Goa समेत Northeast भारत में भारी बारिश का अलर्ट, Mumbai के लिए BMC ने जारी किया Orange Alert
Maharashtra: मानसून अब धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है जिससे महाराष्ट्र, गोवा और उत्तर-पूर्व भारत के राज्यों में बारिश तेज होने वाली है। मुंबई में Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने Orange Alert जारी किया है। अगले कुछ
Maharashtra: मानसून अब धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है जिससे महाराष्ट्र, गोवा और उत्तर-पूर्व भारत के राज्यों में बारिश तेज होने वाली है। मुंबई में Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने Orange Alert जारी किया है। अगले कुछ घंटों में शहर के अलग-अलग हिस्सों में बिजली कड़कने के साथ तेज बारिश और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
India Meteorological Department (IMD) ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अब महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में पहुंच गया है। अगले 48 घंटों में यह मानसून मध्य अरब सागर और इन राज्यों के बाकी हिस्सों में भी फैल जाएगा। मुंबई में मानसून के आधिकारिक तौर पर आने की उम्मीद सोमवार या मंगलवार (22 या 23 जून) तक है। हालांकि, इस साल मुंबई में मानसून आने में देरी हुई है, जो आमतौर पर 10 जून के आसपास आ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि El Niño और अन्य मौसम संबंधी कारणों से यह देरी हुई है।
मुंबई में सोमवार को मानसून से पहले हुई बारिश की वजह से बांद्रा ईस्ट जैसे इलाकों में पानी भर गया और ट्रैफिक जाम की समस्या हुई। Worli Naka के BMC स्कूल में एक घंटे में 61 mm और बांद्रा के स्कूलों में 70 mm बारिश दर्ज की गई। IMD ने मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए अगले तीन दिनों का Yellow Alert जारी किया है, जिसमें 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और मध्यम बारिश की चेतावनी दी गई है।
उत्तर-पूर्व भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 25 जून तक बहुत भारी बारिश हो सकती है। मेघालय के मौसिनराम में 21 जून को 53 सेमी और चेरापूंजी में 47 सेमी बारिश दर्ज की गई। सिक्किम और पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी इलाकों में भी भारी बारिश का अनुमान है। IMD ने इस क्षेत्र में भूस्खलन और बाढ़ की चेतावनी जारी की है।
प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि तूफान और भारी बारिश के दौरान घरों के अंदर रहें, खिड़की-दरवाजे बंद रखें और बिजली के उपकरणों से दूर रहें। पेड़ों के नीचे शरण न लें और जल निकायों (water bodies) से तुरंत बाहर निकल आएं।