Maharashtra: महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आधिकारिक तौर पर दस्तक दे दी है। 6 जून 2026 को मानसून की एंट्री के साथ ही राज्य में गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। IMD के मुताबिक, मानसून समय पर आया है
Maharashtra: महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आधिकारिक तौर पर दस्तक दे दी है। 6 जून 2026 को मानसून की एंट्री के साथ ही राज्य में गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। IMD के मुताबिक, मानसून समय पर आया है, जिससे अब किसानों के लिए खरीफ की बुवाई का काम शुरू करने में मदद मिलेगी।
महाराष्ट्र के किन इलाकों में होगी बारिश और क्या है अलर्ट
IMD ने बताया है कि 6 से 10 जून के बीच कोंकण और गोवा में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। 7 जून को मध्य महाराष्ट्र में भी भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के इलाकों में बिजली गिरने, गरज-चमक और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
मानसून की वर्तमान स्थिति और आगे का रास्ता
फिलहाल मानसून की रेखा (NLM) महाराष्ट्र के देवगढ़, कर्नाटक के कोप्पल, आंध्र प्रदेश के अनंतपुरम, तमिलनाडु के चेन्नई और मिजोरम के आइज़ोल से होकर गुजर रही है। अगले दो से तीन दिनों में मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के और अधिक हिस्सों में आगे बढ़ेगा। जून के अंत तक इसके दिल्ली-NCR और मध्य भारत तक पहुँचने की उम्मीद है।
इस साल बारिश कम होने की क्या है संभावना
मौसम विभाग (IMD) ने इस साल की कुल बारिश के अनुमान को घटाकर सामान्य से 90% कर दिया है। इसका मतलब है कि इस सीजन में बारिश ‘सामान्य से कम’ रह सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि साल के दूसरे हिस्से में एल नीनो (El Niño) के असर से मानसून कमजोर हो सकता है, जिससे सीजन में बारिश कम होने की 84% संभावना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
महाराष्ट्र में मानसून कब आया और इसका असर क्या होगा?
महाराष्ट्र में मानसून 6 जून 2026 को आया है। इससे भीषण गर्मी से राहत मिलेगी और किसानों को खरीफ की फसल की बुवाई शुरू करने में मदद मिलेगी।
IMD ने बारिश को लेकर क्या चेतावनी जारी की है?
6 से 10 जून के बीच कोंकण और गोवा में भारी बारिश, बिजली गिरने और 60 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।