Delhi: पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में अब दिव्यांग लोगों को आने-जाने में होने वाली मुश्किलों को दूर किया जाएगा। इसके लिए ‘मिशन एक्सेसिबल चांदनी चौक’ की शुरुआत मई 2026 में की गई है। इस योजना का मकसद यह ह
Delhi: पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में अब दिव्यांग लोगों को आने-जाने में होने वाली मुश्किलों को दूर किया जाएगा। इसके लिए ‘मिशन एक्सेसिबल चांदनी चौक’ की शुरुआत मई 2026 में की गई है। इस योजना का मकसद यह है कि दिव्यांग व्यक्ति बिना किसी मदद के बाजार और सार्वजनिक जगहों का इस्तेमाल कर सकें।
क्या है इस नई योजना का पूरा शेड्यूल?
इस पूरे प्रोजेक्ट को अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा। मई 2026 में मिशन की शुरुआत हुई है, जिसके बाद जून से सितंबर 2026 के बीच ‘सुगम्य सर्वेक्षण’ किया जाएगा। इसके बाद सितंबर से दिसंबर 2026 तक जरूरी बदलाव और समाधान लागू किए जाएंगे। जनवरी 2027 से इस बुनियादी ढांचे के काम को और आगे बढ़ाया जाएगा।
चांदनी चौक और दिल्ली के अस्पतालों में क्या दिक्कतें मिलीं?
हाल ही में हुए ऑडिट में दिल्ली के कई होटलों और अस्पतालों में बड़ी कमियां पाई गईं। अस्पतालों के वॉशरूम में व्हीलचेयर ले जाना मुश्किल था और वहां सही साइन बोर्ड नहीं थे। चांदनी चौक जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में दुकानों के संकरे रास्ते, ऊबड़-खाबड़ फर्श और सीढ़ियां दिव्यांगों के लिए बड़ी बाधा बनी हुई हैं।
अधिकारियों ने इस बारे में क्या कहा?
MP Praveen Khandelwal ने कहा कि चांदनी चौक भारत की विरासत और व्यापार का केंद्र है। वे इसे एक्सेसिबल टूरिज्म और ट्रेड के लिए एक मॉडल बनाना चाहते हैं। उनका मानना है कि बुनियादी ढांचे को सबके लिए सुलभ बनाना सामाजिक न्याय का हिस्सा है। अब दिल्ली सुगम्य सर्वेक्षण के तहत पब्लिक बिल्डिंग्स, मार्केट और पैदल चलने वाले रास्तों की जांच की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मिशन एक्सेसिबल चांदनी चौक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य चांदनी चौक के बाजारों और सार्वजनिक स्थानों को दिव्यांगों के लिए सुलभ बनाना है ताकि वे बिना किसी बाधा के वहां घूम सकें और व्यापार कर सकें।
इस योजना के तहत कब तक काम पूरा होगा?
योजना के अनुसार सर्वे का काम सितंबर 2026 तक चलेगा और समाधान लागू करने का काम दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाएगा।