Mirzapur को मिलेगी रेलवे की नई रफ्तार, दिल्ली-हावड़ा रूट पर बिछ रही हैं नई लाइनें, यात्रा का समय होगा कम
Mirzapur: दिल्ली-हावड़ा रूट पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। रेलवे इस रूट पर बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है। इससे न केवल ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि यात्रा का समय भी क
Mirzapur: दिल्ली-हावड़ा रूट पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। रेलवे इस रूट पर बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है। इससे न केवल ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि यात्रा का समय भी काफी कम हो जाएगा, जिससे मिर्जापुर और आसपास के इलाकों के लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।
रेलवे के ‘मिशन रफ्तार’ के तहत नई दिल्ली से हावड़ा के बीच 1490 किलोमीटर लंबे ट्रैक को करीब 6,950 करोड़ रुपये की लागत से हाईटेक किया जा रहा है। इस काम के बाद ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 से 200 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इससे दिल्ली से हावड़ा का सफर जो अभी 22 घंटे लेता है, वह घटकर 12 से 14 घंटे रह जाएगा।
रूट पर ट्रेनों के बेहतर संचालन के लिए तीसरी और चौथी लाइनें भी बिछाई जा रही हैं। किउल-झाझा के बीच 54 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन के लिए 962 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। वहीं, आरा जंक्शन के पास सोन नदी पर दूसरा चार लेन रेल पुल बनेगा, जिस पर 3500 से 4000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस व्यवस्था से पैसेंजर, मालगाड़ी और सुपरफास्ट ट्रेनों के लिए अलग-अलग लाइनें होंगी, जिससे ट्रेनों की देरी कम होगी।
| परियोजना | मुख्य विवरण/लागत | लक्ष्य/प्रभाव |
|---|---|---|
| मिशन रफ्तार | 6,950 करोड़ रुपये | स्पीड 160-200 किमी/घंटा, समय की बचत |
| किउल-झाझा तीसरी लाइन | 962 करोड़ रुपये | परिवहन क्षमता और समयबद्धता में सुधार |
| सोन नदी रेल पुल (आरा) | ₹3500-₹4000 करोड़ | दो लाइन से चार लाइन में विस्तार |
| मिर्जापुर पुल निर्माण | 10 करोड़ रुपये | ओझला, खजुरी, जरगो और बेलवन नदी पर पुल |
| कवच प्रणाली (ATP) | प्रयागराज-कानपुर खंड | सुरक्षित यात्रा और मानवीय गलती में कमी |
| मिर्जापुर-रीवा लाइन | 38,000 करोड़ रुपये (प्रस्तावित) | विंध्य क्षेत्र की बेहतर कनेक्टिविटी |
मिर्जापुर के स्थानीय विकास की बात करें तो विंध्याचल से पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के बीच चार बड़े पुलों का काम तेजी से चल रहा है। ओझला, खजुरी, जरगो और बेलवन नदी पर बनने वाले ये पुल दिसंबर 2025 तक तैयार होने की उम्मीद है। इसके अलावा, चुनार-चोपन रेल खंड पर लूसा के पास एक रोड ओवर ब्रिज (ROB) का काम पूरा कर लिया गया है, जिससे सड़क और रेल यातायात आसान होगा।
सुरक्षा के लिए प्रयागराज-कानपुर खंड पर स्वदेशी ‘कवच’ प्रणाली शुरू की गई है, जो 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पर भी ट्रेनों को सुरक्षित रखेगी। साथ ही, दिल्ली-हावड़ा मार्ग पर वंदे भारत ट्रेनों के संचालन की तैयारी है, जो कानपुर, मिर्जापुर और पटना जैसे प्रमुख स्टेशनों से गुजरेगी। एक अन्य बड़ी योजना मिर्जापुर और रीवा के बीच 171 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन की है, जिसकी लागत 38,000 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसका सर्वे और डीपीआर का काम जारी है और बजट मिलने पर निर्माण 2027-28 में शुरू हो सकता है।