Maharashtra: मीरा रोड में हुए चाकूबाजी हमले के दूसरे शिकार राजकुमार मिश्रा अब खतरे से बाहर हैं। 52 साल के इस सिक्योरिटी गार्ड को 14 दिनों तक ICU में इलाज के बाद सोमवार, 12 मई 2026 को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। राजकुमार
Maharashtra: मीरा रोड में हुए चाकूबाजी हमले के दूसरे शिकार राजकुमार मिश्रा अब खतरे से बाहर हैं। 52 साल के इस सिक्योरिटी गार्ड को 14 दिनों तक ICU में इलाज के बाद सोमवार, 12 मई 2026 को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। राजकुमार की हालत अब स्थिर है, जबकि उनके साथी सुब्रोतो सेन को पहले ही डिस्चार्ज किया जा चुका था।
हमलावर कौन है और अब कहां है?
इस हमले के आरोपी ज़ैब ज़ुबैर अंसारी (31) को पुलिस ने घटना के 90 मिनट के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया था। आरोप है कि 27 अप्रैल की सुबह उसने गार्ड्स से उनका धर्म पूछा और फिर उन पर हमला किया। फिलहाल यह केस Maharashtra Anti-Terrorism Squad (ATS) के पास है। कोर्ट ने अंसारी को दो हफ्ते की न्यायिक हिरासत में भेजा है।
ATS की जांच में क्या सामने आया है?
ATS इस मामले को एक ‘लोन वुल्फ’ हमला मान रही है। जांच में पता चला है कि आरोपी ऑनलाइन सामग्री और कट्टरपंथी साहित्य से प्रभावित था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे ‘सेल्फ-रैडिकलाइजेशन’ का मामला बताया है। ATS ने आरोपी के खिलाफ UAPA की धारा 16 लगाई है। आरोपी के घर से मिले नोट्स में ISIS से जुड़ने की इच्छा जताई गई थी।
आरोपी की मानसिक स्थिति और कानूनी दांवपेच
अदालत में आरोपी के वकील ने दावा किया कि ज़ैब अंसारी सिज़ोफ्रेनिया (एक मानसिक बीमारी) से पीड़ित है। इस दावे के बाद कोर्ट ने ATS को आरोपी का मेडिकल मूल्यांकन करने का निर्देश दिया है। जेल अधिकारी अब मेडिकल एक्सपर्ट्स की मदद से इसकी शुरुआती जांच करेंगे और रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मीरा रोड चाकूबाजी मामले में घायलों की स्थिति क्या है?
इस हमले में दो सिक्योरिटी गार्ड घायल हुए थे। सुब्रोतो सेन को पहले ही छुट्टी मिल गई थी और गंभीर रूप से घायल राजकुमार मिश्रा को 14 दिन ICU में रहने के बाद 12 मई को डिस्चार्ज किया गया।
आरोपी ज़ैब अंसारी पर कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
मामले की गंभीरता और आतंकी संबंधों की आशंका को देखते हुए ATS ने आरोपी के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) की धारा 16 लगाई है।