Maharashtra: मीरा भायंदर में शुक्रवार को लगी भीषण आग में तीन लोगों की जान चली गई। इस हादसे के बाद Mira Bhayandar Municipal Corporation (MBMC) एक्शन मोड में आ गया है और वीकेंड पर ही अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ा अभियान शुर
Maharashtra: मीरा भायंदर में शुक्रवार को लगी भीषण आग में तीन लोगों की जान चली गई। इस हादसे के बाद Mira Bhayandar Municipal Corporation (MBMC) एक्शन मोड में आ गया है और वीकेंड पर ही अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। प्रशासन अब उन असुरक्षित बस्तियों और अवैध ढांचों को हटाने की तैयारी में है जो लोगों की जान के लिए खतरा बन गए हैं।
आग हादसे में कौन हुए शिकार और क्या थी वजह
यह दर्दनाक हादसा 10 अप्रैल 2026 को भायंदर ईस्ट के इंद्रलोक फेज 3 में हुआ। इस आग में 47 साल के गुड्डू बलकिसनु और 15 साल के दो किशोर, सूरज अली और रोहित अली की मौत हो गई। Chief Fire Officer प्रकाश बोराडे के मुताबिक, आग किसी झोपड़ी में खाना बनाते समय हुई गलती की वजह से शुरू हुई। नवघर पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु की रिपोर्ट (ADR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नगर निगम ने अब क्या कदम उठाए हैं
नगर निगम कमिश्नर Radhabinod Sharma ने इस घटना की जांच के लिए एक Special Investigating Team (SIT) बनाई है। उन्होंने साफ किया है कि SIT की रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसके अलावा, शहर के छह वार्डों की जिम्मेदारी दो एडिशनल कमिश्नरों को सौंपी गई है ताकि अवैध कब्जों और असुरक्षित निर्माणों की पहचान कर उन्हें हटाया जा सके।
अवैध निर्माण रोकने के लिए क्या है नया प्लान
MBMC ने अवैध निर्माणों पर लगाम लगाने के लिए एक पूरा सिस्टम तैयार किया है, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है:
| पद/टीम |
जिम्मेदारी |
| Sixth Commissioner |
वार्ड कमेटी का नेतृत्व और अवैध निर्माण पर नियंत्रण |
| Enforcement Teams |
जूनियर इंजीनियर और मजदूरों की टीम द्वारा जमीनी कार्रवाई |
| Beat Inspectors |
टैक्स विभाग के 38 क्लर्क जो अवैध निर्माणों की निगरानी करेंगे |
| SIT |
आग लगने के कारणों और लापरवाही की जांच करना |
एक्टिविस्ट धीरज परब का आरोप है कि जिस जगह यह बस्ती थी, वह CRZ जमीन थी जिसे लैंड माफिया ने कब्जा कर भरा था। वहीं MNS नेता संदीप राणे ने कहा कि शहर में कई कमर्शियल दुकानें बिना फायर NOC के चल रही हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध निर्माण में शामिल लैंड माफिया के खिलाफ अब क्रिमिनल केस दर्ज किए जाएंगे।