Maharashtra: मुंबई के Ghatkopar इलाके में रहने वाले एक 72 साल के रिटायर्ड बुजुर्ग के साथ बड़ा साइबर फ्रॉड हुआ है। जालसाजों ने MGL गैस कनेक्शन काटने का डर दिखाकर उनके बैंक खाते से 19.74 लाख रुपये निकाल लिए। इस घटना ने लोग
Maharashtra: मुंबई के Ghatkopar इलाके में रहने वाले एक 72 साल के रिटायर्ड बुजुर्ग के साथ बड़ा साइबर फ्रॉड हुआ है। जालसाजों ने MGL गैस कनेक्शन काटने का डर दिखाकर उनके बैंक खाते से 19.74 लाख रुपये निकाल लिए। इस घटना ने लोगों की जीवन भर की जमा पूंजी को रातों-रात खत्म कर दिया है।
ठगी का तरीका क्या था
बुजुर्ग को WhatsApp पर एक मैसेज आया जिसमें लिखा था कि उनका MGL गैस कनेक्शन बकाया बिल की वजह से काट दिया जाएगा। मैसेज में एक ‘बिल अपडेट ऑफिसर’ से बात करने को कहा गया। जब उन्होंने कॉल किया, तो जालसाज ने अपना नाम Shrikant Mishra बताया और कहा कि सिर्फ 12 रुपये बकाया हैं। इसके बाद पीड़ित को एक APK फाइल डाउनलोड करने को कहा गया, जिससे जालसाजों ने उनके फोन का रिमोट एक्सेस ले लिया और OTP चोरी कर सारी रकम निकाल ली।
MGL और पुलिस की चेतावनी
Mahanagar Gas Limited (MGL) ने साफ किया है कि वे कभी भी संदिग्ध मैसेज के जरिए कनेक्शन काटने की धमकी नहीं देते और न ही किसी APK फाइल को डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। मुंबई साइबर पुलिस ने भी चेतावनी दी है कि कोई भी सरकारी एजेंसी या गैस कंपनी फोन पर OTP, पासवर्ड या बैंकिंग डिटेल नहीं मांगती। लोग सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही इस्तेमाल करें।
साइबर ठगी के बढ़ते मामले और बचाव
- मुंबई में पिछले कुछ समय में MGL के नाम पर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं।
- मार्च और अप्रैल 2026 के बीच करीब 100 लोग 2.7 करोड़ रुपये से ज्यादा गंवा चुके हैं।
- पुलिस ने हाल ही में झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार से तीन ठगों को गिरफ्तार किया है।
- अगर आपके साथ ऐसी कोई घटना होती है, तो तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
MGL गैस बिल के नाम पर होने वाली ठगी से कैसे बचें?
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और WhatsApp पर आए संदिग्ध APK फाइल को डाउनलोड न करें। बिल भुगतान के लिए केवल MGL की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत मोबाइल ऐप का ही उपयोग करें।
साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत क्या करना चाहिए?
धोखाधड़ी का पता चलते ही तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं ताकि बैंक अकाउंट को फ्रीज किया जा सके और पैसे रिकवर होने की संभावना बढ़ जाए।