Maharashtra: मुंबई को कचरा मुक्त बनाने और प्रदूषण कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। Mahanagar Gas Limited (MGL) और BMC ने Mankhurd में एक Compressed Biogas (CBG) प्लांट लगाने के लिए समझौता किया है। यह प्लांट
Maharashtra: मुंबई को कचरा मुक्त बनाने और प्रदूषण कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। Mahanagar Gas Limited (MGL) और BMC ने Mankhurd में एक Compressed Biogas (CBG) प्लांट लगाने के लिए समझौता किया है। यह प्लांट शहर के गीले कचरे को साफ ईंधन में बदलेगा, जिससे पर्यावरण को फायदा होगा।
इस बायो-गैस प्लांट की क्या खासियतें हैं?
इस प्लांट की क्षमता रोजाना 350 टन कचरा प्रोसेस करने की होगी। इसमें शहर के चुनिंदा होटलों, सब्जी मंडियों और किचन से निकलने वाले ऑर्गेनिक कचरे का इस्तेमाल किया जाएगा। यह प्लांट तीन तरह से काम करेगा – यह कचरे के निपटारे का केंद्र होगा, जैविक खाद बनाएगा और ग्रीन फ्यूल यानी बायो-गैस का उत्पादन करेगा।
प्रोजेक्ट की समय सीमा और जिम्मेदारी क्या होगी?
इस प्रोजेक्ट का काम 1 जून 2026 को हुए समझौते के बाद शुरू हो गया है और उम्मीद है कि यह दिसंबर 2027 तक चालू हो जाएगा। BMC इस प्लांट के लिए जमीन देगी और कचरे को इकट्ठा करके वहां तक पहुंचाने का काम संभालेगी। वहीं, MGL इस प्लांट को लगाने और चलाने की पूरी जिम्मेदारी निभाएगी।
आम लोगों और शहर को इससे क्या फायदा होगा?
BMC के डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर किरण दिघावकर ने बताया कि शहर के 96 बाजारों और रेस्टोरेंट से करीब 400 से 500 टन किचन वेस्ट की सप्लाई की योजना है। MGL के एमडी आशु सिंघल के मुताबिक, इससे साफ ऊर्जा मिलेगी और रोजगार के नए मौके पैदा होंगे। यह प्रोजेक्ट पेट्रोलियम मंत्रालय के देश में 5,000 CBG प्लांट लगाने के लक्ष्य का भी हिस्सा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Mankhurd बायो-गैस प्लांट कब तक तैयार होगा?
MGL और BMC के बीच समझौता 1 जून 2026 को हुआ है और इस प्लांट के दिसंबर 2027 तक पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है।
इस प्लांट में किस तरह के कचरे का इस्तेमाल किया जाएगा?
इस प्लांट में केवल ऑर्गेनिक कचरे का इस्तेमाल होगा, जो शहर के निर्धारित होटलों, सब्जी मंडियों और किचन वेस्ट जनरेटर से इकट्ठा किया जाएगा।