Maharashtra: मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे के बीच डेटा सेंटर्स का जाल तेजी से बिछ रहा है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए Maharashtra Electricity Regulatory Commission (MERC) ने Ambernath में 400/220 kV GIS सब-स्टेशन बनाने
Maharashtra: मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे के बीच डेटा सेंटर्स का जाल तेजी से बिछ रहा है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए Maharashtra Electricity Regulatory Commission (MERC) ने Ambernath में 400/220 kV GIS सब-स्टेशन बनाने के काम को प्राथमिकता देने का आदेश दिया है। यह प्रोजेक्ट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने और बिजली की किल्लत को दूर करने के लिए शुरू किया गया है।
Ambernath सब-स्टेशन से क्या होगा फायदा
यह नया सब-स्टेशन खास तौर पर Palava में बनने वाले Green Integrated Data Centre Park की बिजली जरूरतों को पूरा करेगा। इससे ग्रिड की मजबूती बढ़ेगी और भविष्य में आने वाले हाई-डेंसिटी कमर्शियल प्रोजेक्ट्स को पर्याप्त बिजली मिल सकेगी। इस प्रोजेक्ट के 2028 तक तैयार होने की उम्मीद है ताकि डेटा सेंटर्स के लोड को सही तरीके से संभाला जा सके।
कौन उठाएगा खर्च और क्या होंगे नियम
इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि इसका पूरा पूंजीगत खर्च Lodha Developers Ltd. उठाएगा। इसका मतलब है कि आम बिजली उपभोक्ताओं के टैरिफ या बिल पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। MSETCL इस प्रोजेक्ट की देखरेख करेगा और पूरा होने के बाद इसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी संभालेगा।
महाराष्ट्र सरकार का डेटा सेंटर प्लान
| विवरण |
लक्ष्य/जानकारी |
| क्षमता विस्तार |
2030 तक 1 GW से बढ़ाकर 5 GW करना |
| रिन्यूएबल एनर्जी |
कुल क्षमता का 50% अक्षय ऊर्जा से |
| सरकारी छूट |
100% स्टाम्प ड्यूटी और बिजली शुल्क में छूट |
| विशेष दर्जा |
डेटा सेंटर्स को ‘अनिवार्य सेवा’ (Essential Service) माना गया है |
| बैकअप सुविधा |
Tata Power द्वारा 100 MW BESS सिस्टम की मंजूरी |
Frequently Asked Questions (FAQs)
Ambernath सब-स्टेशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य मुंबई-नवी मुंबई-ठाणे कॉरिडोर में बढ़ते डेटा सेंटर्स की बिजली मांग को पूरा करना और Palava डेटा सेंटर पार्क को निर्बाध बिजली सप्लाई देना है।
क्या इस प्रोजेक्ट से आम जनता के बिजली बिल बढ़ेंगे?
नहीं, इस प्रोजेक्ट का खर्च Lodha Developers Ltd. वहन करेगा, इसलिए MSETCL इसे उपभोक्ताओं से वसूल नहीं करेगा और बिजली दरों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।