Meerut में कांवड़ यात्रा के लिए सोहराबगेट बनेगा मुख्य बस अड्डा, दिल्ली-रुड़की रोड पर भारी वाहनों की एंट्री बंद
Meerut: साल 2026 की कांवड़ यात्रा को देखते हुए मेरठ प्रशासन और परिवहन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। यात्रा के दौरान यात्रियों और आम जनता की सुविधा के लिए सोहराबगेट बस अड्डे को मुख्य संचालन केंद्र बनाया गया है। 30 जुलाई
Meerut: साल 2026 की कांवड़ यात्रा को देखते हुए मेरठ प्रशासन और परिवहन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। यात्रा के दौरान यात्रियों और आम जनता की सुविधा के लिए सोहराबगेट बस अड्डे को मुख्य संचालन केंद्र बनाया गया है। 30 जुलाई से शुरू होने वाली इस यात्रा के दौरान बसों के रूट बदले जाएंगे और भारी वाहनों के लिए नए नियम लागू होंगे।
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी ने बताया कि यात्रियों की सुविधा को देखते हुए सोहराबगेट बस अड्डे के नवीनीकरण का काम अभी रोक दिया गया है। अब भैसाली और मेरठ डिपो की सभी बसों का संचालन यहीं से होगा। अगर भीड़ ज्यादा बढ़ी तो लोहियानगर में बन रहे अस्थायी बस अड्डे का भी इस्तेमाल किया जाएगा। मेरठ से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़ और हरिद्वार जाने वाली बसों के रास्तों में बदलाव किया जाएगा ताकि कांवड़ियों और आम यात्रियों को परेशानी न हो।
ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए दिल्ली-रुड़की रोड पर जुलाई के आखिरी हफ्ते से भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी जाएगी। प्रशासन ने इस बार ‘दो-राजमार्ग मॉडल’ अपनाया है। इसके तहत कांवड़िये पारंपरिक रास्तों का इस्तेमाल करेंगे, जबकि सामान्य वाहनों और रोडवेज बसों को दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए भेजा जाएगा। इससे मेरठ और सहारनपुर के लोगों के लिए दिल्ली और प्रयागराज जाना आसान होगा।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| यात्रा शुरू होने की तारीख | 30 जुलाई 2026 |
| समापन (सावन शिवरात्रि) | 11 अगस्त 2026 |
| सबसे व्यस्त दिन | 5 अगस्त से 11 अगस्त |
| मुख्य बस अड्डा | सोहराबगेट, मेरठ |
| भारी वाहन रूट | दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे |
| डीजे के लिए नियम | अधिकतम ऊंचाई 12 फीट x 10 फीट |
सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और एनसीआर के अन्य जिलों के अधिकारियों की बैठक हो चुकी है। ADG ट्रैफिक ए. सतीश गणेश ने मेरठ-रुड़की हाईवे का जायजा लिया है। हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागों को 25 जुलाई तक सारी व्यवस्थाएं पूरी करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही मेरठ में डीजे और म्यूजिक सिस्टम के लिए ध्वनि सीमा और साइज के सख्त नियम तय किए गए हैं।