Meerut में फायर सेफ्टी उपकरणों की मांग 40% बढ़ी, लखनऊ हादसे के बाद प्रशासन सख्त
Meerut : लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद अब मेरठ के लोग और संस्थान अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर हो गए हैं। शहर में फायर सेफ्टी उपकरणों की मांग में करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। सबसे ज्यादा मांग ABC मल्टीपर्पज फायर ए
Meerut : लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद अब मेरठ के लोग और संस्थान अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर हो गए हैं। शहर में फायर सेफ्टी उपकरणों की मांग में करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। सबसे ज्यादा मांग ABC मल्टीपर्पज फायर एक्सटिंग्विशर की है, क्योंकि यह अलग-अलग तरह की आग को बुझाने में कारगर माना जाता है।
लखनऊ की घटना के बाद मेरठ प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। होटल, कोचिंग सेंटर, स्कूल और कॉलेजों में लगातार चेकिंग की जा रही है। एसपी सिटी विनायक भोसले ने बताया कि इमारतों की बारीकी से जांच हो रही है और जहां भी कमियां मिलेंगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने व्यापारियों और आम जनता से अपील की है कि वे फायर सेफ्टी नियमों का पूरी तरह पालन करें।
शहर के कोचिंग सेंटरों और होटलों में 72 घंटे का सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में परतापुर, घंटाघर और पुलिस लाइन फायर स्टेशनों की तीन टीमें करीब 50 बड़े कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण कर रही हैं। अधिकारियों ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी बेसमेंट में कोचिंग सेंटर या क्लास नहीं चलेगी और निकास मार्ग हमेशा साफ रखा जाएगा। जिन संस्थानों में आग से बचाव का सिस्टम नहीं मिला, उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे।
हैरानी की बात यह है कि मेरठ के लगभग 1500 कोचिंग सेंटरों में से केवल तीन के पास ही फायर विभाग की एनओसी (NOC) है। इससे पहले 23 जून को जब पुलिस और फायर विभाग ने 14 कोचिंग सेंटरों की जांच की थी, तो उनमें से ज्यादातर में इमरजेंसी एग्जिट और आग बुझाने वाले उपकरण नहीं मिले थे। कई जगहों पर फायर सिस्टम बंद थे और तीन मंजिला इमारतों में आने-जाने का सिर्फ एक ही रास्ता था।
लखनऊ में भी इसी तरह की लापरवाही के बाद 25 जून को 55 प्रतिष्ठानों को सील किया गया और 78 को नोटिस दिए गए, जिनमें नर्सिंग होम और लाइब्रेरी भी शामिल थे।
बाजार में सबसे ज्यादा बिकने वाले ABC मल्टीपर्पज फायर एक्सटिंग्विशर की बात करें तो इसमें मोनो अमोनियम फॉस्फेट (MAP) पाउडर होता है। यह क्लास A, B, C और बिजली से लगी आग को बुझाने में काम आता है। मेरठ में यह 1050 रुपये से शुरू है और 2 किग्रा से लेकर 75 किग्रा तक की क्षमता में उपलब्ध है। इसे इस्तेमाल करते समय हवादार जगह पर रहने की सलाह दी जाती है ताकि सांस लेने में दिक्कत न हो।