Meerut में कोचिंग सेंटरों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, 57 सेंटर सील, विरोध करने वाले संचालक हाउस अरेस्ट

Meerut: लखनऊ के अलीगंज में एक लाइब्रेरी में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मेरठ में कोचिंग सेंटरों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शहर में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है, ज

Meerut: लखनऊ के अलीगंज में एक लाइब्रेरी में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मेरठ में कोचिंग सेंटरों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शहर में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत कई कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया है। इस कार्रवाई के विरोध में जब कोचिंग संचालक डीएम को ज्ञापन देने की कोशिश कर रहे थे, तब एक संचालक को हाउस अरेस्ट कर लिया गया।

यह पूरा अभियान 24 जून 2026 से शुरू हुआ है, जिसमें मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA), अग्निशमन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें शामिल हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीमें यह जांच रही हैं कि सेंटरों में फायर सेफ्टी के इंतजाम हैं या नहीं। प्रशासन का खास ध्यान बेसमेंट में चल रही कोचिंग, इमरजेंसी एग्जिट और बिजली की सुरक्षा पर है।

अब तक की कार्रवाई की बात करें तो 1 जुलाई 2026 तक करीब 57 कोचिंग सेंटरों को सील किया गया और 150 अन्य सेंटरों की जांच हुई। 2 और 3 जुलाई को भी MDA ने सात और सेंटरों को सील किया, हालांकि चाणक्य कोचिंग को आश्वासन मिलने के बाद दोबारा खोल दिया गया। इस बीच प्रवर्तन अधिकारी निकिता सिंह ने प्रदर्शन कर रहे संचालकों को चेतावनी दी कि सरकारी काम में बाधा डालने पर FIR दर्ज की जाएगी।

दूसरी तरफ, कोचिंग और लाइब्रेरी मालिकों ने मंडल आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर इस कार्रवाई को ‘चयनात्मक’ बताया है। उनका कहना है कि प्रशासन बिना पर्याप्त नोटिस दिए सेंटर बंद कर रहा है, जिससे हजारों छात्रों की पढ़ाई रुक गई है और कई कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर असर पड़ा है। संचालकों ने सवाल उठाया है कि अगर इमारतों के नक्शे पास नहीं थे, तो उन्हें बनने की अनुमति कैसे मिली। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर विचार नहीं हुआ, तो वे धरने पर बैठेंगे।