Delhi में कूड़ा अलग करने का नया लक्ष्य, 2028 तक 90% घरों में लागू होगा नियम

Delhi: दिल्ली नगर निगम (MCD) शहर को साफ रखने के लिए कूड़ा प्रबंधन के तौर पर एक बड़ा लक्ष्य तय कर रहा है। अब निगम का प्लान है कि दिसंबर 2028 तक शहर के 90% घरों और संस्थानों से कूड़ा अलग-अलग करके इकट्ठा किया जाए। फिलहाल दि

Delhi: दिल्ली नगर निगम (MCD) शहर को साफ रखने के लिए कूड़ा प्रबंधन के तौर पर एक बड़ा लक्ष्य तय कर रहा है। अब निगम का प्लान है कि दिसंबर 2028 तक शहर के 90% घरों और संस्थानों से कूड़ा अलग-अलग करके इकट्ठा किया जाए। फिलहाल दिल्ली के 250 वार्डों में औसतन 59% कूड़ा ही स्रोत पर अलग किया जा रहा है, जिसे धीरे-धीरे बढ़ाने की तैयारी है।

नए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) नियम 2026, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुके हैं, के तहत अब कूड़े को चार हिस्सों में बांटना जरूरी होगा। इसमें गीला कूड़ा, सूखा कूड़ा, सैनिटरी वेस्ट और विशेष देखभाल वाला कूड़ा शामिल है। MCD ने इसके लिए चरणबद्ध लक्ष्य रखे हैं, जिसमें दिसंबर 2026 तक इसे 65%, दिसंबर 2027 तक 75% और जून 2028 तक 80% तक ले जाने की योजना है।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को दी गई जानकारी के मुताबिक, दिल्ली सरकार दिसंबर 2028 तक रोजाना 7,750 टन अतिरिक्त नगर निगम ठोस कचरे को प्रोसेस करने की क्षमता बढ़ाएगी। इसके लिए छह नए प्लांट लगाए जा रहे हैं, जिनमें वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट, बायो CNG और कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट शामिल हैं। इससे शहर की कुल प्रोसेसिंग क्षमता 7,841 टन से बढ़कर 21,000 टन से ज्यादा हो जाएगी।

निगम उन लोगों पर ज्यादा सख्ती करेगा जो रोजाना 100 किलो से ज्यादा कूड़ा पैदा करते हैं, जिन्हें बल्क वेस्ट जेनरेटर (BWG) कहा जाता है। इनके लिए निजी एजेंसियों को जोड़ा जा रहा है, जिसका चयन 17 जुलाई 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। ये एजेंसियां सुनिश्चित करेंगी कि इन जगहों पर 100% कूड़ा अलग किया जाए और मौके पर ही प्रोसेस हो।

हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि घरों, बाजारों और संस्थानों में लोगों द्वारा कूड़ा अलग न करना सबसे बड़ी चुनौती है। NDMC ने इस मामले में बेहतर प्रदर्शन करते हुए 92% सेग्रीगेशन हासिल किया है, जबकि दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड ने सिविल एरिया में 90% का आंकड़ा छुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक लोग घर से ही सूखा और गीला कूड़ा अलग नहीं करेंगे, तब तक वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट सही तरीके से काम नहीं कर पाएंगे।