Delhi में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए MCD का बड़ा फैसला, 2 अगस्त को होंगे टाउन वेंडिंग कमेटी के चुनाव
Delhi: दिल्ली के रेहड़ी-पटरी वालों के लिए एक जरूरी खबर है। Municipal Corporation of Delhi (MCD) ने टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) के चुनाव की तारीखों और नियमों का ऐलान कर दिया है। इस चुनाव के जरिए शहर के वेंडर्स अपने प्रतिनिधि
Delhi: दिल्ली के रेहड़ी-पटरी वालों के लिए एक जरूरी खबर है। Municipal Corporation of Delhi (MCD) ने टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) के चुनाव की तारीखों और नियमों का ऐलान कर दिया है। इस चुनाव के जरिए शहर के वेंडर्स अपने प्रतिनिधि चुनेंगे, जो आगे चलकर उनके काम करने की जगह और अन्य सुविधाओं का फैसला करेंगे। वोटिंग 2 अगस्त 2026 को होगी और नतीजों की घोषणा 4 अगस्त को की जाएगी।
इन चुनावों का मकसद स्ट्रीट वेंडर्स को एक कानूनी पहचान देना और उन्हें व्यवस्थित तरीके से काम करने की जगह दिलाना है। MCD ने साफ किया है कि केवल वही वेंडर्स वोट डाल सकेंगे जिनके पास वैध Certificate of Vending (CoV) होगा। जो लोग चुनाव लड़ना चाहते हैं, वे अपने जोन के ऑफिस से मुफ्त में नामांकन फॉर्म ले सकते हैं और उन्हें डिप्टी कमिश्नर के पास जमा करना होगा। नामांकन के साथ 2,000 रुपये की सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी।
चुनाव की पूरी समय-सारणी नीचे दी गई है:
| तारीख | कार्यक्रम |
|---|---|
| 3 जुलाई 2026 | नामांकन की शुरुआत (सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक) |
| 10 जुलाई 2026 | नामांकन की आखिरी तारीख |
| 11 जुलाई 2026 | नामांकन की जांच और आपत्तियां (शाम 5 बजे तक) |
| 13 जुलाई 2026 | नाम वापस लेने की आखिरी तारीख (शाम 5 बजे तक) |
| 2 अगस्त 2026 | वोटिंग का दिन (सुबह 8 से शाम 5 बजे तक) |
| 4 अगस्त 2026 | वोटों की गिनती और नतीजों का ऐलान |
हर कमेटी में कुल 12 चुने हुए सदस्य होंगे। इसमें अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, दिव्यांग और महिलाओं के लिए सीटें रिजर्व रखी गई हैं। इन कमेटियों का मुख्य काम वेंडिंग प्लान को फाइनल करना, जगह आवंटित करना और भीड़भाड़ वाले इलाकों से वेंडर्स को शिफ्ट करना होगा।
इस पूरी प्रक्रिया पर Delhi High Court की नजर है। कोर्ट ने MCD को समय सीमा के अंदर 23 कमेटियां बनाने का आदेश दिया था। वहीं, नेशनल हॉकर फेडरेशन के अनिल बख्शी ने कहा कि 2014 के कानून के बाद इन चुनावों में 12 साल की देरी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली में करीब 5 लाख वेंडर्स हैं, जबकि अब तक केवल 82,000 का ही सर्वे हुआ है। NASVI जैसी संस्थाओं ने मांग की है कि केवल रजिस्टर्ड वेंडर्स को ही चुनाव लड़ने और वोट देने का मौका मिले ताकि कोई गड़बड़ी न हो।