Delhi में यमुना को साफ करने की तैयारी, MCD और NDDB लगाएंगे बायोगैस प्लांट, पशुपालकों को मिलेगा पैसा
Delhi: दिल्ली में यमुना नदी को प्रदूषण से बचाने और गंदगी खत्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। Municipal Corporation of Delhi (MCD) और National Dairy Development Board (NDDB) ने बुधवार, 15 जुलाई 2026 को एक समझौते (M
Delhi: दिल्ली में यमुना नदी को प्रदूषण से बचाने और गंदगी खत्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। Municipal Corporation of Delhi (MCD) और National Dairy Development Board (NDDB) ने बुधवार, 15 जुलाई 2026 को एक समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत शहर में Compressed Biogas (CBG) प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे गाय के गोबर का सही इस्तेमाल हो सकेगा और वह नदी में नहीं बहेगा।
इस पूरी योजना का मुख्य मकसद यमुना नदी में जाने वाले गंदे पानी और गोबर को रोकना है। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि दिसंबर 2028 तक एक लीटर गंदा पानी भी यमुना में न जाए। इसके लिए गोबर को इकट्ठा करके उसे बायोगैस और जैविक खाद में बदला जाएगा। इस पहल से न केवल पर्यावरण साफ होगा, बल्कि पशुपालकों की कमाई भी बढ़ेगी क्योंकि उन्हें गोबर के हर एक किलो के लिए 1 रुपये दिए जाएंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने इस समझौते के महत्व को बताते हुए कहा कि इससे शहरों में सफाई बढ़ेगी और जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यमुना सफाई मिशन का एक अहम हिस्सा है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री Rajiv Ranjan Singh, दिल्ली के LG Taranjit Singh Sandhu और मुख्यमंत्री Rekha Gupta भी मौजूद थे। समझौते पर हस्ताक्षर MCD के मेयर Pravesh Wahi और NDDB के चेयरमैन Dr. Meenesh C Shah ने किए।
प्रोजेक्ट की बारीकियों की बात करें तो गोबर को Nangli, Ghoga-Goyla और Ghazipur में स्थित प्लांटों में प्रोसेस किया जाएगा। इसके अलावा, नॉर्थ दिल्ली के Bhalaswa और Jharoda डेयरी क्लस्टर के बीच 125 टन क्षमता वाला एक और प्लांट लगाने पर चर्चा चल रही है। बता दें कि MCD ने सितंबर 2025 में Nangli डेयरी में अपना पहला 200 टन क्षमता वाला बायोगैस प्लांट शुरू किया था। अब इस मॉडल को देश के अन्य बड़े शहरों में भी लागू किया जा सकता है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| समझौता तिथि | 15 जुलाई 2026 |
| मुख्य उद्देश्य | यमुना को प्रदूषण मुक्त करना |
| पशुपालकों को लाभ | 1 रुपये प्रति किलो गोबर |
| उत्पाद | Compressed Biogas (CBG) और जैविक खाद |
| प्रमुख प्लांट लोकेशन | Nangli, Ghoga-Goyla, Ghazipur |
| डेडलाइन | दिसंबर 2028 तक गंदा पानी रोकना |