UP: मऊ जिला कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार, 20 मई 2026 को जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध 17 मई को लखनऊ कचहरी परिसर में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के खिलाफ था। वकीलों का आरोप है कि प्रशासन
UP: मऊ जिला कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार, 20 मई 2026 को जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध 17 मई को लखनऊ कचहरी परिसर में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के खिलाफ था। वकीलों का आरोप है कि प्रशासन ने उनके चैंबर तोड़े और विरोध करने वालों पर लाठीचार्ज किया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
लखनऊ में क्या हुआ था और क्यों हो रहा है विरोध
लखनऊ में हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। नगर निगम ने 12 मई को नोटिस जारी कर 16 मई तक जगह खाली करने को कहा था। अधिवक्ताओं का कहना है कि हाईकोर्ट ने सिर्फ 72 चैंबर हटाने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासन ने करीब 240 चैंबर तोड़ दिए। पुलिस का दावा है कि जब कुछ लोगों ने काम में बाधा डाली, तब कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
अधिवक्ताओं की मुख्य मांगें क्या हैं
- लाठीचार्ज करने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर FIR दर्ज हो और उन्हें सस्पेंड किया जाए।
- घायल वकीलों को मुफ्त इलाज और आर्थिक मदद दी जाए।
- टूटे हुए चैंबरों की जगह दूसरी वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाए।
- अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम को जल्द से जल्द लागू किया जाए।
प्रदेश के अन्य जिलों का क्या है हाल
लखनऊ की इस घटना का असर पूरे उत्तर प्रदेश में दिख रहा है। मऊ के अलावा खतौली, रायबरेली, गोंडा, चंदौली, बांदा, बरेली, देवरिया और वाराणसी जैसे जिलों के वकील भी इस विरोध में शामिल हैं। सेंट्रल बार एसोसिएशन ने 20 मई को दोपहर 2 बजे एक बड़ी आम सभा बुलाई थी ताकि आगे की रणनीति तय की जा सके। समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने भी इस घटना की निंदा की है और घायल वकीलों के मुफ्त इलाज की मांग की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मऊ में वकीलों ने प्रदर्शन क्यों किया?
मऊ के अधिवक्ताओं ने 17 मई को लखनऊ कचहरी में पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और चैंबरों को तोड़े जाने के विरोध में 20 मई को प्रदर्शन किया।
अधिवक्ताओं का प्रशासन पर क्या आरोप है?
वकीलों का आरोप है कि हाईकोर्ट ने 72 चैंबर हटाने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासन ने नियम से ज्यादा करीब 240 चैंबर तोड़ दिए और उन पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया।