UP: लखनऊ के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्रों के लिए अच्छी खबर है। Maruti Suzuki India ने यहां एक स्मार्ट फैक्ट्री लैब की शुरुआत की है। यह कदम कंपनी के CSR प्रोग्राम का हिस्सा है, जिससे डिप्लोमा छात्रों को नई मशीनों और
UP: लखनऊ के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्रों के लिए अच्छी खबर है। Maruti Suzuki India ने यहां एक स्मार्ट फैक्ट्री लैब की शुरुआत की है। यह कदम कंपनी के CSR प्रोग्राम का हिस्सा है, जिससे डिप्लोमा छात्रों को नई मशीनों और आधुनिक विनिर्माण तकनीकों को करीब से सीखने और समझने का मौका मिलेगा।
स्मार्ट फैक्ट्री लैब से छात्रों को क्या फायदा होगा?
इस लैब का मुख्य मकसद किताबी पढ़ाई और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच के अंतर को खत्म करना है। यहाँ छात्र स्वचालन (Automation), इंडस्ट्री 4.0, IIoT, न्यूमेटिक्स और मोशन कंट्रोल सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव लेंगे। कंपनी का लक्ष्य है कि पहले साल में करीब 400 छात्र इस सुविधा से ट्रेनिंग लें, जिससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ेगी और वे इंडस्ट्री के लिए तैयार हो सकेंगे।
स्किल इंडिया मिशन और कंपनी की अन्य पहल
Maruti Suzuki के कॉर्पोरेट मामलों के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी राहुल भारती ने बताया कि यह लैब सरकार के ‘स्किल इंडिया मिशन’ के अनुरूप है। कंपनी पहले भी जापान और भारत सरकार के सहयोग से चार जापान-भारत विनिर्माण संस्थान (JIM) बना चुकी है। इसके अलावा, 18 ITI में उन्नत विनिर्माण लैब (AML) भी शुरू की गई हैं ताकि ऑटोमोटिव सेक्टर में युवाओं को बेहतर तकनीकी ज्ञान मिल सके।
कंपनी के हालिया अपडेट्स और शेयर बाजार का हाल
कंपनी ने हाल ही में खरखौदा में अपने दूसरे प्लांट में काम शुरू किया है, जिससे इसकी सालाना उत्पादन क्षमता 26.5 लाख यूनिट तक पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने 23.4 लाख यूनिट्स का रिकॉर्ड उत्पादन किया। शेयर बाजार की बात करें तो 20 मई 2026 को Maruti Suzuki का शेयर 0.2% बढ़कर ₹12,981.00 पर बंद हुआ। JM फाइनेंशियल ने इस शेयर के लिए ₹13,300 का टारगेट प्राइस देते हुए ‘BUY’ रेटिंग दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ की स्मार्ट फैक्ट्री लैब कहाँ स्थापित की गई है?
यह लैब लखनऊ के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में स्थापित की गई है, जिसका उद्देश्य डिप्लोमा छात्रों को आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तकनीक सिखाना है।
इस लैब में छात्र कौन-कौन सी तकनीकें सीखेंगे?
छात्र यहाँ ऑटोमेशन, इंडस्ट्री 4.0, इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IIoT), न्यूमेटिक्स और एनर्जी मेजरमेंट जैसी एडवांस तकनीकों की ट्रेनिंग लेंगे।