Maharashtra में मराठा आरक्षण को लेकर फिर बवाल, Jarange Patil 29 अगस्त से करेंगे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल
Maharashtra/Jalna: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर एक बार फिर माहौल गरमा गया है। सामाजिक कार्यकर्ता Manoj Jarange-Patil ने राजस्व मंत्री Chandrashekar Bawankule पर गंभीर आरोप लगाते हुए 29 अगस्त 2026 से जालना जिले के Antarwa
Maharashtra/Jalna: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर एक बार फिर माहौल गरमा गया है। सामाजिक कार्यकर्ता Manoj Jarange-Patil ने राजस्व मंत्री Chandrashekar Bawankule पर गंभीर आरोप लगाते हुए 29 अगस्त 2026 से जालना जिले के Antarwali Sarati में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है। यह पूरा विवाद मराठा समुदाय के जनप्रतिनिधियों के कुनबी प्रमाण पत्र रद्द किए जाने के बाद शुरू हुआ है।
Jarange-Patil का कहना है कि सरकार ने साजिश के तहत चार महिला जनप्रतिनिधियों—Jyoti Shinde, Varsha Gaikwad, Komal Parve और Rekha Sarode के कुनबी (OBC) सर्टिफिकेट रद्द कर दिए हैं। उनका आरोप है कि राजस्व मंत्री Bawankule ने इस पूरी प्रक्रिया को प्रभावित किया है। वहीं, मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने मंत्री का बचाव किया है। मुख्यमंत्री ने 12 अगस्त को कहा कि किसी मंत्री को गलत तरीके से निशाना बनाना ठीक नहीं है। उन्होंने साफ किया कि जाति जांच समितियां स्वतंत्र रूप से काम करती हैं और सरकार उन पर कोई दबाव नहीं डालती।
इस मामले में बीड जिला प्रशासन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। प्रशासन ने 12 अगस्त को एक बयान जारी कर Jarange-Patil के दावों को बेबुनियाद और गलत बताया। प्रशासन का कहना है कि प्रमाण पत्र इसलिए रद्द किए गए क्योंकि संबंधित लोग अपने पिता के खून के रिश्तेदारों के कुनबी होने का दस्तावेजी सबूत नहीं दे पाए थे।
गौरतलब है कि 2025 के सरकारी फैसले के बाद कुनबी वंश के मराठों को आरक्षण का लाभ मिलने का रास्ता खुला था। इसके लिए Justice Sandeep Shinde समिति का गठन किया गया था, जिसकी समय सीमा जून 2027 तक है। मुख्यमंत्री Fadnavis ने यह भी बताया कि जाति प्रमाण पत्रों के आवेदन में 10 से 25 प्रतिशत तक रिजेक्शन रेट सामान्य बात है और इसमें किसी तरह की साजिश नहीं है।