Maharashtra: मशहूर फैशन डिजाइनर Manish Malhotra ने Met Gala 2026 के रेड कार्पेट पर अपनी एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने अपनी ड्रेस के जरिए न सिर्फ भारतीय फैशन को दुनिया के सामने रखा, बल्कि उन कारीगरों को भी सम्मान दिया जो पर
Maharashtra: मशहूर फैशन डिजाइनर Manish Malhotra ने Met Gala 2026 के रेड कार्पेट पर अपनी एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने अपनी ड्रेस के जरिए न सिर्फ भारतीय फैशन को दुनिया के सामने रखा, बल्कि उन कारीगरों को भी सम्मान दिया जो पर्दे के पीछे रहकर मेहनत करते हैं। यह इवेंट 4 मई 2026 को आयोजित हुआ था, जहां उन्होंने एक खास अंदाज में अपनी कला का प्रदर्शन किया।
Manish Malhotra की ड्रेस में क्या था खास
मनीष मल्होत्रा ने इस मौके पर एक क्लासिक इंडियन बंदगला पहना था, जिसके साथ एक बड़ा और शानदार केप (Cape) जोड़ा गया था। इस केप की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि इस पर मुंबई और दिल्ली के उनके स्टूडियो में काम करने वाले 50 कारीगरों के नाम और उनके साइन कढ़ाई किए गए थे। इस एक ड्रेस को तैयार करने में कुल 960 घंटे से ज्यादा का समय लगा। उन्होंने इसमें जरी, जरदोजी, चिकनकारी और कसब जैसी पारंपरिक भारतीय कढ़ाई का इस्तेमाल किया था।
मुंबई शहर के प्रति प्यार और सम्मान
मनीष मल्होत्रा ने अपने इस आउटफिट को मुंबई शहर के लिए एक ‘लव लेटर’ बताया। उन्होंने केप पर मुंबई की पहचान से जुड़ी कई चीजें बनवाई थीं, जिनमें लोकल ट्रेन, सी लिंक, ताज महल पैलेस होटल, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस और गेटवे ऑफ इंडिया शामिल थे। उन्होंने केप की आस्तीन पर ‘Mumbai’ शब्द भी लिखवाया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि उनके लिए फैशन असल में एक कला और कलाकार का संगम है।
Met Gala 2026 की थीम और अन्य डिजाइन
इस साल Met Gala की आधिकारिक थीम ‘Costume Art’ थी और ड्रेस कोड ‘Fashion Is Art’ रखा गया था। यह मनीष मल्होत्रा का इस प्रतिष्ठित इवेंट में दूसरा मौका था। अपनी ड्रेस के अलावा, उन्होंने अन्य मशहूर हस्तियों के लिए भी कपड़े डिजाइन किए थे। इनमें Karan Johar, Camila Mendes और Sudha Reddy जैसे नाम शामिल थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Manish Malhotra ने अपनी ड्रेस में कारीगरों को कैसे सम्मान दिया?
मनीष मल्होत्रा ने अपने केप पर मुंबई और दिल्ली के 50 कारीगरों के नाम और सिग्नेचर कढ़ाई करवाकर उन्हें ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर सम्मान दिया।
इस खास आउटफिट को बनाने में कितना समय लगा और कौन सी तकनीक इस्तेमाल हुई?
इस ड्रेस को बनाने में 960 घंटे से ज्यादा का समय लगा। इसमें जरी, जरदोजी, चिकनकारी और कसब जैसी पारंपरिक भारतीय कढ़ाई तकनीकों का उपयोग किया गया था।