Manipur : मणिपुर में जातीय हिंसा को तीन साल पूरे होने पर दिल्ली और मणिपुर दोनों जगहों पर भारी विरोध प्रदर्शन हुए। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई संगठनों ने सरकार से न्याय की मांग की, वहीं मणिपुर के इंफाल एयरपोर्ट के पास एक बम
Manipur : मणिपुर में जातीय हिंसा को तीन साल पूरे होने पर दिल्ली और मणिपुर दोनों जगहों पर भारी विरोध प्रदर्शन हुए। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई संगठनों ने सरकार से न्याय की मांग की, वहीं मणिपुर के इंफाल एयरपोर्ट के पास एक बम धमाका हुआ। राज्य में पिछले कुछ समय से तनाव बढ़ा हुआ है, जिससे आम लोगों की जिंदगी पर गहरा असर पड़ा है।
दिल्ली में प्रदर्शन और मुख्य मांगें क्या हैं?
Delhi में ‘3rd May Organising Committee’ के बैनर तले कई समूहों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कुकी उग्रवादी समूहों को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने भारत सरकार से उग्रवादियों को तुरंत निशस्त्र करने, संवैधानिक व्यवस्था बहाल करने और विस्थापित लोगों के स्थायी पुनर्वास की मांग की है। साथ ही, उन्होंने पीड़ितों के लिए समयबद्ध न्याय की अपील की है।
मणिपुर में हालिया धमाके और हिंसा की स्थिति क्या है?
3 मई 2026 को Imphal एयरपोर्ट के पास एक बम धमाका हुआ, जिसमें कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। इस घटना की जिम्मेदारी प्रतिबंधित संगठन Kangleipak Communist Party (KCP) ने ली है। संगठन का कहना है कि राज्य में बार-बार होने वाले बंद और ब्लॉकेड्स के विरोध में यह कदम उठाया गया। इससे पहले अप्रैल 2026 में बिष्णुपुर जिले में एक बम हमले में दो बच्चों की मौत हुई थी और उख्रुल में हिंसक झड़पों में तीन लोग मारे गए थे।
सरकार और कोर्ट की अब तक की कार्रवाई क्या रही?
केंद्र सरकार द्वारा गठित जांच आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 20 मई 2026 तक का समय दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2023 में कानून-व्यवस्था की पूरी तरह से विफलता पर चिंता जताई थी। राज्य में 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति शासन लगाया गया था, जिसे 4 फरवरी 2026 को नई सरकार के गठन से पहले हटा लिया गया। कुकी-जो और हमार समुदायों के छात्र संगठनों ने भी केंद्र से स्थायी राजनीतिक समाधान और अलग प्रशासनिक व्यवस्था की मांग की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मणिपुर में हिंसा की शुरुआत कब हुई थी और वर्तमान स्थिति क्या है?
मणिपुर में जातीय हिंसा की शुरुआत 3 मई 2023 को हुई थी। वर्तमान में भी राज्य में तनाव बना हुआ है और हाल ही में 3 मई 2026 को इंफाल एयरपोर्ट के पास बम धमाका हुआ है।
जांच आयोग की रिपोर्ट कब तक आने की उम्मीद है?
केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त तीन सदस्यीय जांच आयोग को अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए 20 मई 2026 तक की समय सीमा दी गई है।