मलेशिया में B50 बायोडीजल लागू करने की तैयारी, डिपो के आधुनिकीकरण पर होगा खर्च

World : मलेशियाई सरकार अब अपने देश में B50 बायोडीजल के इस्तेमाल की संभावनाओं को तलाश रही है। सरकार यह देख रही है कि क्या मौजूदा ईंधन डिपो को अपडेट करना मुमकिन है और इसमें कितना पैसा खर्च होगा। 23 जून 2026 की रिपोर्टों के

World : मलेशियाई सरकार अब अपने देश में B50 बायोडीजल के इस्तेमाल की संभावनाओं को तलाश रही है। सरकार यह देख रही है कि क्या मौजूदा ईंधन डिपो को अपडेट करना मुमकिन है और इसमें कितना पैसा खर्च होगा। 23 जून 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक, इस फैसले से पहले एक विस्तृत लागत विश्लेषण किया जाएगा ताकि सरकारी पैसे का सही इस्तेमाल हो सके।

प्लांटेशन एंड कमोडिटीज मंत्रालय (KPK) ने साफ किया है कि उच्च बायोडीजल मिश्रण का फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि देश का बुनियादी ढांचा कितना तैयार है। फिलहाल मलेशिया की रणनीति 2030 तक सड़क परिवहन में B30 बायोडीजल अपनाने की है। जून 2026 से प्रायद्वीपीय मलेशिया में B15 बायोडीजल का इस्तेमाल शुरू हो गया है, जबकि सारावाक और लंगकावी जैसे कुछ इलाकों में B20 का इस्तेमाल पहले से हो रहा है।

बायोडीजल के इस बदलाव से जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

विवरण जानकारी
B30 के लिए पाम तेल की जरूरत 1.60 मिलियन टन सालाना (कुल आपूर्ति का 7%)
B30 बुनियादी ढांचे की लागत लगभग 600 मिलियन रिंगिट (151 मिलियन डॉलर)
अपग्रेड में लगने वाला समय एक से दो साल
2025 पाम तेल अनुमानित आपूर्ति 22.76 मिलियन टन

KPK के अधिकारियों का कहना है कि उच्च मिश्रण के लिए डिपो में बड़े बदलाव करने होंगे। वहीं, पूर्व मंत्री टेरेसा कोक ने सुझाव दिया है कि पाम-आधारित बायोडीजल अब शुद्ध डीजल से सस्ता है, इसलिए डिपो के काम में तेजी लानी चाहिए। सरकार यह भी जांच रही है कि बायोडीजल की बढ़ती मांग से खाद्य तेल की आपूर्ति और निर्यात पर कोई बुरा असर न पड़े।