Maharashtra: अगर आपने महाराष्ट्र में किसी नए घर में निवेश किया है या घर खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। MahaRERA ने राज्य के 8,212 हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन बिल्डरों ने स
Maharashtra: अगर आपने महाराष्ट्र में किसी नए घर में निवेश किया है या घर खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। MahaRERA ने राज्य के 8,212 हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन बिल्डरों ने समय पर अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट जमा नहीं की, जिसके बाद अब उनके प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन रद्द किए जा सकते हैं।
बिल्डरों पर कार्रवाई क्यों हुई और क्या हैं नियम?
RERA एक्ट 2016 के तहत हर बिल्डर को हर तीन महीने में प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस रिपोर्ट (QPR) देना जरूरी होता है। इसमें फ्लैट बुकिंग, मिले हुए पैसे और खर्चों का पूरा ब्यौरा देना होता है। जनवरी से मार्च तिमाही की रिपोर्ट जमा करने की आखिरी तारीख 20 अप्रैल 2026 थी, लेकिन हजारों प्रोजेक्ट्स ने इसे नजरअंदाज किया। MahaRERA के चेयरमैन मनोज सौनिक ने साफ कहा है कि घर खरीदारों के हितों की रक्षा की जाएगी और जानकारी छिपाने वाले बिल्डरों पर सख्त एक्शन होगा।
किन शहरों और इलाकों में सबसे ज्यादा लापरवाही मिली?
राज्य के कुल 33,029 प्रोजेक्ट्स में से 8,212 प्रोजेक्ट्स ने नियमों का पालन नहीं किया। सबसे ज्यादा लापरवाही मुंबई और पुणे जैसे बड़े शहरों में देखी गई है।
| इलाका/शहर |
नोटिस मिले प्रोजेक्ट्स की संख्या |
| मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) और कोंकण |
4,644 |
| पुणे |
2,311 |
| ठाणे |
1,465 |
| मुंबई Suburban |
1,263 |
| खांडेश |
511 |
| विदर्भ |
483 |
| मराठवाड़ा |
238 |
नियम न मानने पर बिल्डरों को क्या सजा मिल सकती है?
MahaRERA ने बिल्डरों को जवाब देने के लिए 60 दिन का समय दिया है। अगर इस दौरान रिपोर्ट जमा नहीं हुई, तो कई कड़ी कार्रवाई हो सकती हैं। इसमें प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द करना, बैंक अकाउंट फ्रीज करना और फ्लैट्स की मार्केटिंग या बिक्री पर रोक लगाना शामिल है। साथ ही, 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया जा सकता है और रजिस्ट्री ऑफिस को निर्देश दिए जा सकते हैं कि ऐसे प्रोजेक्ट्स में घर की खरीद-बिक्री की रजिस्ट्री न की जाए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
QPR रिपोर्ट जमा न करने पर घर खरीदारों पर क्या असर पड़ेगा?
अगर बिल्डर रिपोर्ट जमा नहीं करता है, तो प्रोजेक्ट की रजिस्ट्री रुक सकती है और रजिस्ट्रेशन रद्द होने से प्रोजेक्ट के काम में देरी हो सकती है। हालांकि, यह कार्रवाई खरीदारों को बिल्डरों की मनमानी से बचाने के लिए की गई है।
बिल्डरों के पास अपनी गलती सुधारने के लिए कितना समय है?
MahaRERA ने सभी संबंधित बिल्डरों और प्रमोटरों को कारण बताओ नोटिस का जवाब देने और अपनी लंबित फाइलिंग को अपडेट करने के लिए 60 दिनों का समय दिया है।