Maharashtra: राज्य में बाल विवाह जैसी कुरीतियों को खत्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा सकता है। Maharashtra State Commission for Protection of Child Rights (MSCPCR) ने सरकार को सुझाव दिया है कि शादी के निमंत्रण कार्ड प
Maharashtra: राज्य में बाल विवाह जैसी कुरीतियों को खत्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा सकता है। Maharashtra State Commission for Protection of Child Rights (MSCPCR) ने सरकार को सुझाव दिया है कि शादी के निमंत्रण कार्ड पर दूल्हा और दुल्हन की जन्म तारीख लिखना अनिवार्य किया जाए। यह फैसला 23 अप्रैल 2026 को संजय विष्णु पुराणिक की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।
शादी के कार्ड पर जन्म तारीख क्यों होगी जरूरी?
आयोग का मानना है कि अगर कार्ड पर जन्म तारीख लिखी होगी, तो बाल विवाह को पकड़ना आसान होगा। इस कदम का मुख्य मकसद कम उम्र में होने वाली शादियों को रोकना और बच्चों के यौन शोषण जैसी गंभीर समस्याओं पर लगाम लगाना है। आयोग के सदस्य संजय लखे पाटिल ने इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए इसे जरूरी बताया। यह सुझाव राजस्थान में अपनाई जा रही इसी तरह की व्यवस्था के आधार पर दिया गया है।
सोलापुर में नाबालिग माताओं के मामले में बड़ी कार्रवाई
आयोग ने सिर्फ सुझाव ही नहीं दिए, बल्कि सोलापुर जिले में नाबालिग लड़कियों के मां बनने के संदिग्ध मामलों पर भी कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने इन मामलों को बाल अधिकारों का गंभीर उल्लंघन माना है और इसकी संयुक्त जांच के आदेश दिए हैं।
- कुल 85 संदिग्ध मामलों की समीक्षा की गई।
- जिला कलेक्टर के नेतृत्व में विशेष संयुक्त टीमें बनाई जाएंगी।
- इन टीमों में महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल होंगे।
- प्रशासन को एक से डेढ़ महीने के भीतर ठोस एक्शन प्लान जमा करने को कहा गया है।
किन कानूनों के तहत दर्ज होगी FIR?
आयोग ने साफ निर्देश दिए हैं कि बाल विवाह और शोषण के मामलों में सख्ती बरती जाए। दोषी पाए जाने वाले लोगों पर निम्नलिखित कानूनों के तहत मामला दर्ज किया जाएगा:
| कानून का नाम |
उद्देश्य |
| POCSO Act, 2012 |
बच्चों को यौन अपराधों से बचाने के लिए |
| Prohibition of Child Marriage Act, 2006 |
बाल विवाह को रोकने और सजा देने के लिए |