Maharashtra: राज्य में वोटर लिस्ट को अपडेट करने के लिए Special Intensive Revision (SIR) की तैयारी चल रही है। चुनाव आयोग ने 2002 की वोटर लिस्ट का मौजूदा लिस्ट से मिलान करने का काम शुरू किया था, जिसमें अब तक 70% काम पूरा ह
Maharashtra: राज्य में वोटर लिस्ट को अपडेट करने के लिए Special Intensive Revision (SIR) की तैयारी चल रही है। चुनाव आयोग ने 2002 की वोटर लिस्ट का मौजूदा लिस्ट से मिलान करने का काम शुरू किया था, जिसमें अब तक 70% काम पूरा हुआ है। इस प्रक्रिया का मकसद फर्जी और मृत वोटरों के नाम हटाकर लिस्ट को साफ करना है ताकि चुनाव प्रक्रिया आसान हो सके।
वोटर मैपिंग की स्थिति क्या है और कहां है कमी
राज्यभर में मैपिंग का काम चल रहा है, लेकिन शहरों में यह काफी धीमा है। Mumbai Suburban जिला सबसे पीछे है, जहां केवल 46.9% काम पूरा हुआ है। इसी तरह Pune में 47.4%, Thane में 51.3% और Mumbai City में 57% काम हुआ है। दूसरी तरफ ग्रामीण इलाकों में काम तेजी से चला है, जिसमें Gadchiroli (90.4%) और Hingoli (90.1%) सबसे आगे रहे हैं।
शहरों में काम धीमा होने की वजह और समाधान
Chief Electoral Officer S. Chockalingam ने बताया कि शहरों में आबादी ज्यादा है और लोग अक्सर अपना घर बदलते रहते हैं, जिससे मैपिंग मुश्किल हो रही है। मुंबई में 10,000 कर्मियों की जरूरत थी, लेकिन फिलहाल 7,000 कर्मचारी ही तैनात हैं। इस काम को तेज करने के लिए उन्होंने नगर पालिकाओं की मदद लेने और वोटरों के लिए ऑनलाइन self-mapping का विकल्प देने का सुझाव दिया है।
SIR प्रोग्राम का पूरा शेड्यूल और जरूरी तारीखें
चुनाव आयोग ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए एक समय सीमा तय की है। 30 मई 2026 से SIR का तीसरा फेज शुरू होगा। इसके बाद जून के अंत तक BLO की ट्रेनिंग होगी और 30 जून से 29 जुलाई तक BLO घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करेंगे। 5 अगस्त 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होगी, जिस पर 4 सितंबर तक आप अपनी आपत्ति या दावे दर्ज करा सकते हैं। फाइनल वोटर लिस्ट 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
वोटर लिस्ट के SIR प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य क्या है
इसका मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट को अपडेट और साफ करना है। इसमें डुप्लीकेट, फर्जी, मृत और अयोग्य वोटरों की पहचान कर उनके नाम हटाए जाएंगे।
आम नागरिक वोटर लिस्ट में सुधार के लिए कब आवेदन कर सकते हैं
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 5 अगस्त 2026 को जारी होगी। इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 के बीच नागरिक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।