Maharashtra में वोटर लिस्ट से 1.8 करोड़ नाम कटने की संभावना, मुंबई में सबसे ज्यादा 30 लाख वोटरों पर असर
Maharashtra: राज्य में वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन (SIR) के चलते करीब 1.8 करोड़ वोटरों के नाम काटे जा सकते हैं। यह प्रक्रिया 24 अगस्त 2026 को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के आधार पर होगी। सबसे ज्यादा असर राजध
Maharashtra: राज्य में वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन (SIR) के चलते करीब 1.8 करोड़ वोटरों के नाम काटे जा सकते हैं। यह प्रक्रिया 24 अगस्त 2026 को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के आधार पर होगी। सबसे ज्यादा असर राजधानी मुंबई में देखने को मिलेगा, जहां लगभग 30 लाख वोटरों के नाम लिस्ट से हट सकते हैं, जो वहां के कुल वोटरों का करीब 29 प्रतिशत है।
यह कार्रवाई उन लोगों के नाम हटाने के लिए की जा रही है जो या तो शिफ्ट हो चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनके नाम दो जगह दर्ज हैं। महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी S Chockalingam ने बताया कि अब तक 77.77 प्रतिशत फॉर्म डिजिटल हो चुके हैं, जबकि 18.46 प्रतिशत फॉर्म ऐसे हैं जिन्हें इकट्ठा नहीं किया जा सका। शहरी इलाकों, खासकर मुंबई और ठाणे में यह संख्या ज्यादा है, जहां करीब 36 प्रतिशत फॉर्म अनकलेक्टेबल पाए गए हैं।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी वोटर का नाम बिना पूरी जांच के नहीं हटाया जाएगा। बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करेंगे और राजनीतिक दलों के एजेंटों के साथ बैठकें करेंगे। अगर कोई पात्र वोटर लिस्ट से बाहर रह गया है या 1 अक्टूबर 2026 तक 18 साल का हो रहा है, तो वह फॉर्म 6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकता है। वहीं, किसी प्रविष्टि पर आपत्ति जताने के लिए फॉर्म 7 का इस्तेमाल करना होगा।
| महत्वपूर्ण तारीख | विवरण |
|---|---|
| 17 अगस्त 2026 | Enumeration Forms जमा करने की आखिरी तारीख |
| 24 अगस्त 2026 | ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन |
| 24 अगस्त से 23 सितंबर 2026 | दावा और आपत्ति दर्ज कराने का समय |
| 24 अगस्त से 22 अक्टूबर 2026 | नोटिस जारी करना और आपत्तियों का निपटारा |
| 27 अक्टूबर 2026 | फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन |
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे बचे हुए दिनों में अपने फॉर्म पूरे कर लें। संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोहर पारकर ने बीएलओ को निर्देश दिए हैं कि वे पूरी कोशिश करें ताकि कोई भी असली वोटर लिस्ट से बाहर न छूटे। दूसरी ओर, मुंबई कांग्रेस नेता संदेश कोंडविलकर ने इस प्रक्रिया पर चिंता जताई है और बीएलओ से जल्दबाजी में नाम न हटाने की अपील की है।