Maharashtra विधान भवन में बायोमेट्रिक एंट्री से मचा हड़कंप, पत्रकारों और अधिकारियों को हुई परेशानी
Maharashtra: मुंबई के विधान भवन में सोमवार से शुरू हुए मानसून सत्र के पहले दिन भारी अफरा-तफरी मच गई। वजह थी आखिरी समय में लागू किया गया फेस-रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाला) बायोमेट्रिक एंट्री सिस्टम। इस नए नियम की वजह से म
Maharashtra: मुंबई के विधान भवन में सोमवार से शुरू हुए मानसून सत्र के पहले दिन भारी अफरा-तफरी मच गई। वजह थी आखिरी समय में लागू किया गया फेस-रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाला) बायोमेट्रिक एंट्री सिस्टम। इस नए नियम की वजह से मीडियाकर्मियों और कई सरकारी अधिकारियों को अंदर जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
दरअसल, इस नए सिस्टम के नियम 19 जून की शाम को जारी किए गए थे, जबकि सत्र 22 जून की सुबह शुरू हो गया। अब विधान भवन में प्रवेश के लिए पुराने फिजिकल पास की जगह सिर्फ फेस-रिकग्निशन सिस्टम का इस्तेमाल होगा। यह नियम मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, स्टाफ, पीए और आने वाले मेहमानों समेत सभी के लिए लागू है। महाराष्ट्र विधानसभा सचिवालय ने इस संबंध में एक विस्तृत सर्कुलर जारी कर सभी से सहयोग मांगा था।
पहले दिन हुई गहमागहमी को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष Rahul Narwekar ने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने उन पत्रकारों और कर्मचारियों को एक दिन की छूट दी, जिनका रजिस्ट्रेशन तकनीकी दिक्कतों की वजह से पूरा नहीं हो पाया था। इन लोगों को उनके पहचान पत्र (ID Card) के आधार पर अंदर जाने दिया गया ताकि विधायी काम और मीडिया कवरेज में कोई रुकावट न आए। हालांकि, मंगलवार 23 जून से सभी के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम से एंट्री करना अनिवार्य कर दिया गया है।
विधानसभा अध्यक्ष Rahul Narwekar ने बताया कि ज्यादातर विधायकों का रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है और उनकी एंट्री बिना किसी परेशानी के हो रही है। यह पूरा फैसला विधान परिषद के अध्यक्ष Prof. Ram Shinde और विधानसभा अध्यक्ष Adv. Rahul Narwekar की एक हाई-लेवल मीटिंग में लिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि यह सिस्टम इसलिए लाया गया है ताकि फर्जी या डुप्लीकेट पास के जरिए किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का अंदर जाना रोका जा सके और सुरक्षा बढ़ाई जा सके।