Maharashtra में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, 1 लाख करोड़ का निवेश और 18 लाख नई नौकरियों का लक्ष्य

Maharashtra: राज्य सरकार ने पर्यटन के क्षेत्र में एक बड़ा प्लान तैयार किया है। सरकार का लक्ष्य साल 2034 तक निजी क्षेत्र से 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाना और करीब 18 लाख लोगों को रोजगार देना है। इस पूरे रोडमैप का मकसद मह

Maharashtra: राज्य सरकार ने पर्यटन के क्षेत्र में एक बड़ा प्लान तैयार किया है। सरकार का लक्ष्य साल 2034 तक निजी क्षेत्र से 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाना और करीब 18 लाख लोगों को रोजगार देना है। इस पूरे रोडमैप का मकसद महाराष्ट्र को दुनिया के लिए एक बेहतरीन टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाना है।

इस योजना के तहत सरकार का ध्यान सिर्फ बड़े शहरों पर नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों और जंगलों वाले क्षेत्रों पर भी है ताकि भीड़ कम हो और विकास हर जगह पहुंचे। इसके लिए ‘Maharashtra Tourism Policy 2024’ लागू की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि 2034 तक राज्य की कुल जीडीपी (GSDP) में पर्यटन का योगदान 14% तक पहुंच जाए।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई तरह की छूट और मदद दे रही है। निवेश करने वालों को 15% तक की कैपिटल सब्सिडी (अधिकतम 15-20 करोड़ रुपये) और लोन पर 5% ब्याज की छूट दी जाएगी। साथ ही बिजली ड्यूटी में छूट और स्टाम्प ड्यूटी व रजिस्ट्रेशन फीस भी माफ की जाएगी।

राज्य के पर्यटन मंत्री और अधिकारियों ने बताया कि 2027 में नासिक में होने वाले कुंभ मेले के लिए बुनियादी ढांचे को इस तरह बनाया जाएगा कि नासिक और त्र्यंबकेश्वर साल भर पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहें। इसके अलावा कुछ खास प्रोजेक्ट्स पर भी काम हो रहा है:

  • भारत का पहला अंडरवाटर नेवल म्यूजियम बनाया जाएगा।
  • स्कूबा डाइविंग की सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा।
  • 878 किलोमीटर लंबी तटरेखा पर क्रूज और यॉट टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • किले, बौद्ध स्थल, आध्यात्मिक केंद्र और वाइल्डलाइफ पार्कों को जोड़कर सर्किट विकसित किए जाएंगे।

निवेश को आकर्षित करने के लिए मुंबई के अलावा दुबई और सिंगापुर में भी प्रमोशन ऑफिस खोले जाएंगे। सरकार ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर जोर दिया है और 2025-26 के बजट में पर्यटन बुनियादी ढांचे के लिए 2,083 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। टाटा ग्रुप और महिंद्रा हॉलिडेज जैसे बड़े ग्रुप पहले से ही राज्य में होटल प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं।