Maharashtra में नए RTO ऑफिस खोलने के नियम हुए सख्त, अब इन शर्तों के बाद ही मिलेगा मंजूरी
Maharashtra: राज्य में गाड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार अब नए RTO और SRTO ऑफिस खोलने के नियमों को कड़ा कर रही है। सरकार का मकसद दूर-दराज के इलाकों और तेजी से बढ़ते शहरों में ट्रांसपोर्ट सेवाओं को बे
Maharashtra: राज्य में गाड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार अब नए RTO और SRTO ऑफिस खोलने के नियमों को कड़ा कर रही है। सरकार का मकसद दूर-दराज के इलाकों और तेजी से बढ़ते शहरों में ट्रांसपोर्ट सेवाओं को बेहतर बनाना है ताकि लोगों को अपने काम के लिए ज्यादा भटकना न पड़े।
परिवहन मंत्री Pratap Sarnaik ने बताया कि राज्य में गाड़ियों की संख्या काफी बढ़ गई है, इसलिए ट्रांसपोर्ट विभाग के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना जरूरी है। इससे लोगों को समय पर सेवाएं मिल सकेंगी। वर्तमान में महाराष्ट्र में 4 करोड़ से ज्यादा गाड़ियां हैं और अकेले 2024-25 में 28.90 लाख नई गाड़ियां रजिस्टर हुई हैं। इस बढ़ते बोझ को संभालने के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी ने कुछ सुझाव दिए थे, जिन्हें सरकार अब मंजूरी देने पर विचार कर रही है।
नए नियमों के मुताबिक, अब किसी भी इलाके में नया ट्रांसपोर्ट ऑफिस तभी खुलेगा जब वहां ये शर्तें पूरी होंगी:
| शर्त | जरूरी मापदंड |
|---|---|
| तालुका की संख्या | कम से कम 4 तालुका शामिल होने चाहिए |
| रजिस्टर्ड गाड़ियां | 5 लाख से ज्यादा गाड़ियां होनी चाहिए |
| जनसंख्या | 7 लाख से अधिक आबादी होनी चाहिए |
| सालाना कमाई | 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व |
| दूरी | मौजूदा ऑफिस से 50 किलोमीटर से ज्यादा दूर होने पर प्राथमिकता |
सरकार ने यह भी तय किया है कि जिन जगहों पर पूरा RTO ऑफिस खोलना मुमकिन नहीं होगा, वहां Automated Vehicle Inspection Centres (ATS) और Automated Driving Test Tracks (ADTT) बनाए जाएंगे। इससे लोगों को गाड़ी की फिटनेस जांच और ड्राइविंग लाइसेंस के टेस्ट के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और उनके घर के पास ही ये सुविधाएं मिल सकेंगी। फिलहाल ट्रांसपोर्ट विभाग राज्य में 59 RTO और सब-RTO ऑफिस चला रहा है।