Maharashtra: राज्य सरकार ने नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की मंजूरी के लिए नियमों को कड़ा कर दिया है। अब किसी भी विभाग को नया प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले अपने बजट का हिसाब देना होगा। यह फैसला प्लानिंग डिपार्टमेंट के एक
Maharashtra: राज्य सरकार ने नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की मंजूरी के लिए नियमों को कड़ा कर दिया है। अब किसी भी विभाग को नया प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले अपने बजट का हिसाब देना होगा। यह फैसला प्लानिंग डिपार्टमेंट के एक सर्कुलर के जरिए लिया गया है, जिसे फाइनेंस डिपार्टमेंट ने 19 मई 2026 को मंजूरी दी थी।
नया नियम क्या है और कैसे काम करेगा?
अब अगर किसी विभाग के नए प्रोजेक्ट की लागत और पुराने अधूरे कामों का कुल खर्च, पिछले तीन साल के औसत सालाना खर्च से दोगुने से ज्यादा होता है, तो उसे सीधे मंजूरी नहीं मिलेगी। ऐसे प्रोजेक्ट्स को अब मुख्य सचिव (Chief Secretary) की अगुवाई वाली हाई-पावर्ड कमेटी से पास कराना होगा। पहले ये प्रोजेक्ट्स सिर्फ फाइनेंस डिपार्टमेंट और कैबिनेट की मंजूरी के बाद शुरू हो जाते थे।
किन प्रोजेक्ट्स पर पड़ेगा असर और क्या है वजह?
यह नियम सड़क, हाईवे, पुल, टनल, रेलवे, एयरपोर्ट, बांध, पानी की सप्लाई, सरकारी बिल्डिंग और बिजली के कामों पर लागू होगा। सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि कई विभाग अपनी हैसियत से ज्यादा बड़े प्रोजेक्ट्स ले रहे थे, जिससे काम बीच में अटक रहे थे और लागत बढ़ रही थी। साथ ही, बहुत सारे प्रोजेक्ट्स एक साथ शुरू करने से पुराने काम समय पर पूरे नहीं हो पा रहे थे।
Viksit Maharashtra 2047 और समय सीमा का दबाव
सरकार ने साफ किया है कि अब सभी प्रोजेक्ट्स ‘Viksit Maharashtra 2047’ विजन के हिसाब से होने चाहिए। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने 4 और 5 जून 2026 की मीटिंग में निर्देश दिए कि इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को 3 से साढ़े 3 साल के अंदर पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि टेंडर देते समय ठेकेदारों के पुराने रिकॉर्ड देखे जाएं और काम में देरी करने वालों को ब्लैकलिस्ट किया जाए ताकि राज्य का पैसा बर्बाद न हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हाई-पावर्ड कमेटी की मंजूरी कब जरूरी होगी?
जब किसी विभाग के नए और पुराने प्रोजेक्ट्स का कुल खर्च, पिछले तीन साल के औसत सालाना खर्च के दोगुने से अधिक हो जाएगा, तब मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी की मंजूरी लेनी होगी।
मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट्स की समय सीमा क्या तय की है?
मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने निर्देश दिया है कि सभी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को 3 से 3.5 साल के सख्त समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए।