Maharashtra TET पेपर लीक: मास्टरमाइंड की पत्नी सुमन गुप्ता पटना से गिरफ्तार, बेटी के जन्मदिन पर पति का कर रही थी इंतजार

Maharashtra/Bihar: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 के पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। बिहार STF और ठाणे पुलिस ने मिलकर मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन कुमारी को पटना से गिरफ्तार क

Maharashtra/Bihar: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 के पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। बिहार STF और ठाणे पुलिस ने मिलकर मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन कुमारी को पटना से गिरफ्तार किया है। सुमन अपनी बेटी के जन्मदिन पर पति का इंतजार कर रही थी, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया।

यह पूरा मामला जून 2026 का है जब 28 जून को होने वाली TET परीक्षा को पेपर लीक की खबर के बाद 27 जून को ही स्थगित कर दिया गया था। इस घटना से करीब 6 लाख उम्मीदवारों का भविष्य अधर में लटक गया था। जांच में सामने आया कि मुख्य सरगना बिजेंद्र गुप्ता, जो बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है, पिछले 25 सालों से पेपर लीक के धंधे में शामिल है। उस पर NEET और JEE समेत करीब 20 बड़े पेपर लीक के मामले दर्ज हैं। बिजेंद्र फिलहाल फरार है, जिसके लिए पुलिस ने Look-Out Circular (LOC) जारी किया है ताकि वह देश छोड़कर न भाग सके।

पुलिस को शक है कि सुमन कुमारी इस पूरे नेटवर्क में पैसों के लेन-देन और संपर्क बनाए रखने का काम संभालती थी। इस मामले में पहले ही भिवंडी से राजीव शाह, आकाश कुमार और धीरज कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अब आगरा की एक प्रिंटिंग कंपनी Mahim Patran Pvt Ltd की भी जांच कर रही है, क्योंकि शक है कि पेपर वहीं से लीक हुआ होगा।

इस मामले को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्ष ने स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे के इस्तीफे की मांग की है और मामले की CBI जांच कराने का दबाव बनाया है। सरकार ने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक SIT बनाई है, जिसकी कमान ठाणे के जॉइंट सीपी Panjabrao Ugale संभाल रहे हैं। दोषियों पर MCOCA जैसे कड़े कानून लगाने पर भी विचार किया जा रहा है।

महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) ने साफ किया है कि परीक्षा की नई तारीख आने पर उम्मीदवारों को दोबारा रजिस्ट्रेशन या फीस भरने की जरूरत नहीं होगी। सरकार अब परीक्षाओं को ऑनलाइन कराने की संभावनाओं पर विचार कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी धोखाधड़ी न हो।