Maharashtra: राज्य के हजारों शिक्षक अपनी रुकी हुई सैलरी और गैर-जरूरी सरकारी कामों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। MLC J M Abhyankar के नेतृत्व में Maharashtra State Shikshak Sena ने पूरे राज्य में बड़ा आंदोलन शुरू किया है।
Maharashtra: राज्य के हजारों शिक्षक अपनी रुकी हुई सैलरी और गैर-जरूरी सरकारी कामों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। MLC J M Abhyankar के नेतृत्व में Maharashtra State Shikshak Sena ने पूरे राज्य में बड़ा आंदोलन शुरू किया है। शिक्षकों का कहना है कि समय पर वेतन न मिलने और पढ़ाई के अलावा अन्य कामों के बोझ से वे काफी परेशान हैं।
शिक्षकों की मुख्य मांगें और विरोध के कारण क्या हैं?
शिक्षकों का सबसे बड़ा मुद्दा मार्च महीने की सैलरी का न मिलना है। कई शिक्षकों को पिछले 2 से 6 साल का बकाया भुगतान भी नहीं मिला है। इसके अलावा, शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी जैसे BLO (Booth Level Officer) के कामों में लगाया जा रहा है, जिसे वे शिक्षा के अधिकार (RTE) और नई शिक्षा नीति का उल्लंघन मान रहे हैं।
- मार्च महीने की सैलरी और पुराने बकाये का तुरंत भुगतान।
- गैर-शैक्षणिक और प्रशासनिक ड्यूटीज से मुक्ति।
- ‘सरप्लस’ घोषित शिक्षकों की सैलरी और नई पोस्टिंग की समस्या का समाधान।
- सैलरी सिस्टम (Shalarth) की तकनीकी खामियों को दूर करना।
आंदोलन का असर और अब तक क्या हुआ?
17 अप्रैल 2026 को मुंबई के जोगेश्वरी समेत राज्य के कई शिक्षा विभाग कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन हुआ, जिसमें मुंबई से करीब 900 शिक्षक शामिल हुए। इससे पहले 16 अप्रैल को 800 से ज्यादा शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव Ranjit Singh Deol को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा था।
| तारीख |
मुख्य घटना |
| 13 अप्रैल |
सैलरी न मिलने पर राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी गई |
| 14 अप्रैल |
16 अप्रैल से विरोध प्रदर्शन तेज करने का ऐलान हुआ |
| 16 अप्रैल |
मुंबई में प्रधान सचिव को ज्ञापन सौंपा गया |
| 17 अप्रैल |
राज्यव्यापी आंदोलन और जोगेश्वरी में बड़ा प्रदर्शन हुआ |
सरकारी नियम और अधिकारियों का क्या कहना है?
कुछ स्कूलों में स्टाफ ऑथेंटिकेशन (Staff Authentication) की प्रक्रिया पूरी न होने की वजह से सैलरी रुकी है। वहीं, 15 मार्च 2024 की Sanch Manyata Policy के कारण ग्रामीण इलाकों के छोटे स्कूलों में शिक्षकों की नौकरी जाने का डर है। MLC J M Abhyankar ने साफ कहा है कि अगर बकाया पैसा तुरंत नहीं मिला, तो यह आंदोलन और भी उग्र होगा। महाराष्ट्र राज्य शिक्षक संघ के चेयरमैन Jalindar Sarode ने बताया कि प्रशासन ने मुंबई के शिक्षकों की सैलरी एक हफ्ते में देने का भरोसा दिया है।