Maharashtra में 1.5 करोड़ घरों में लगे स्मार्ट बिजली मीटर, आधे लक्ष्य का काम पूरा

Maharashtra: राज्य में बिजली मीटरों को बदलने का काम तेजी से चल रहा है। गुरुवार तक महाराष्ट्र में 1.50 करोड़ स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जा चुके हैं। यह कुल लक्ष्य का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा है। इस काम में MSEDCL, मुंबई की BES

Maharashtra: राज्य में बिजली मीटरों को बदलने का काम तेजी से चल रहा है। गुरुवार तक महाराष्ट्र में 1.50 करोड़ स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जा चुके हैं। यह कुल लक्ष्य का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा है। इस काम में MSEDCL, मुंबई की BEST, Adani Electricity और Tata Power जैसी एजेंसियां जुड़ी हुई हैं।

सरकार और बिजली कंपनियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर से ग्राहकों को अपने बिजली इस्तेमाल की सही जानकारी मिलेगी। अब लोग हर घंटे, दिन या महीने के हिसाब से अपनी खपत देख सकेंगे। इससे बिजली चोरी रुकेगी और खराबी का पता जल्दी चलेगा। अधिकारियों के मुताबिक, कई पुराने और खराब मीटरों की जगह अब नए स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, जिससे बिलिंग में होने वाली गलतियां कम होंगी।

हालांकि, इस बदलाव को लेकर मुंबई और अन्य इलाकों में काफी विरोध भी हो रहा है। कुछ उपभोक्ता इसे जबरदस्ती लगाया गया बदलाव बता रहे हैं और कई जगहों पर FIR भी दर्ज कराई गई हैं। शिव सेना (UBT) ने भी इस मुद्दे को उठाया है। वहीं, बिजली कर्मचारियों के संघ का कहना है कि यह निजीकरण की ओर एक कदम है और इसमें ग्राहकों की सहमति नहीं ली गई।

विवादों के बीच बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी इस मामले में दखल दिया है। कोर्ट ने पूछा है कि क्या चालू मीटरों को बिना सहमति के बदला जा सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर यह अनिवार्य है, तो ग्राहकों को कम से कम एक महीने पहले नोटिस मिलना चाहिए। दूसरी तरफ, MSEDCL ने साफ किया है कि मीटर उनकी संपत्ति हैं, इसलिए उन्हें बदलने के लिए सहमति की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि 48 घंटे वाला मैसेज केवल सूचना देने के लिए था, कोई अल्टीमेटम नहीं।

यह पूरा प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की गाइडलाइंस और RDSS स्कीम के तहत किया जा रहा है, जिसके लिए 1.31 लाख करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभी के प्रोग्राम में प्रीपेड मीटर शामिल नहीं हैं। विदर्भ टैक्सपेयर्स एसोसिएशन ने लोगों से इस सिस्टम को समझने की अपील की है क्योंकि ये मीटर मुफ्त लगाए जा रहे हैं।