Maharashtra में नगर निकायों को मिलेगा टैक्स का बड़ा हिस्सा, सड़कों और पानी जैसी सुविधाओं में होगा सुधार

Maharashtra: राज्य की नगर पालिका और पंचायतों को अब राज्य के टैक्स में से ज्यादा हिस्सा मिल सकता है। छठे राज्य वित्त आयोग (SFC) ने अपनी रिपोर्ट में स्थानीय निकायों के लिए टैक्स के हिस्से को बढ़ाने और पैसों के इस्तेमाल में

Maharashtra: राज्य की नगर पालिका और पंचायतों को अब राज्य के टैक्स में से ज्यादा हिस्सा मिल सकता है। छठे राज्य वित्त आयोग (SFC) ने अपनी रिपोर्ट में स्थानीय निकायों के लिए टैक्स के हिस्से को बढ़ाने और पैसों के इस्तेमाल में सख्ती बरतने की सिफारिश की है। अगर सरकार इसे मानती है, तो आम लोगों को बेहतर सड़कें, साफ मोहल्ले और पानी की बेहतर सप्लाई मिल सकेगी।

डॉ. नितिन करээр की अध्यक्षता वाले इस आयोग ने अपनी रिपोर्ट 10 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र विधानमंडल में पेश की। आयोग ने सुझाव दिया है कि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के पांच साल के लिए राज्य के अपने टैक्स राजस्व (SOTR) का 27.3% हिस्सा स्थानीय निकायों को दिया जाए। अभी यह हिस्सा 26.3% है, यानी इसमें 1% की बढ़ोतरी की मांग की गई है।

इस फंड के बंटवारे और वित्तीय व्यवस्था की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

विवरण अनुशंसित हिस्सा/नियम
कुल टैक्स हिस्सा (SOTR) 27.3%
शहरी स्थानीय निकाय (Urban Bodies) 55%
ग्रामीण स्थानीय निकाय (Rural Bodies) 45%
परफॉरमेंस ग्रांट (Performance Grants) 5%
ग्रामीण-शहरी बदलाव प्रबंधन 5%
औसत वार्षिक फंडिंग गैप 8,217 करोड़ रुपये

आयोग के चेयरमैन डॉ. नितिन करээр ने कहा कि जिस चीज को मापा जा सकता है, उसे सुधारा भी जा सकता है। उन्होंने बताया कि स्थानीय निकायों को राज्य के अनुदानों पर बहुत ज्यादा निर्भर रहना पड़ता है और उनके पास पैसों की कमी रहती है। इस कमी को दूर करने के लिए आयोग ने प्रोफेशन टैक्स का कलेक्शन वापस स्थानीय निकायों को देने और मोटर व्हीकल टैक्स, लैंड कन्वर्जन प्रीमियम और ट्रैफिक ई-चालान से होने वाली कमाई को अलग करने का सुझाव दिया है।

इसके अलावा, स्टाम्प ड्यूटी का पैसा बिना किसी सरकारी विभाग के चक्कर काटे सीधे डिजिटल तरीके से नगर निकायों के खातों में भेजने की बात कही गई है। आयोग ने नगर पालिकाओं को सलाह दी है कि वे अपनी आय बढ़ाने के लिए टैक्स ढांचे में बदलाव करें और अनुशासन के साथ बजट तैयार करें ताकि जनता को बुनियादी सुविधाएं सही समय पर मिल सकें।