Maharashtra: राज्य सरकार ने समुद्र में होने वाले तेल रिसाव (Oil Spill) जैसी आपदाओं से निपटने के लिए एक विशेष इमरजेंसी मैनेजमेंट ग्रुप बनाया है। यह कदम केंद्र सरकार के नेशनल ऑयल स्पिल डिजास्टर कंटिंजेंसी प्लान (NOSDCP) के
Maharashtra: राज्य सरकार ने समुद्र में होने वाले तेल रिसाव (Oil Spill) जैसी आपदाओं से निपटने के लिए एक विशेष इमरजेंसी मैनेजमेंट ग्रुप बनाया है। यह कदम केंद्र सरकार के नेशनल ऑयल स्पिल डिजास्टर कंटिंजेंसी प्लान (NOSDCP) के आधार पर उठाया गया है। इसका मुख्य मकसद समुद्र के किनारे रहने वाले लोगों, पर्यावरण और समुद्री जीवों को प्रदूषण से बचाना है।
कौन-कौन से ग्रुप्स बनाए गए हैं
सरकार ने इस व्यवस्था को तीन स्तरों पर लागू किया है ताकि किसी भी हादसे के समय तुरंत कार्रवाई की जा सके। इसमें राज्य स्तर पर State Oil Spill Emergency Management Group (SOS-CMG) बनाया गया है। इसके साथ ही तटीय जिलों के लिए District Oil Spill Emergency Management Group (DOS-CMG) और स्थानीय स्तर पर Local Oil Spill Emergency Management Group (LOS-CMG) का गठन किया गया है।
नियम और काम करने का तरीका क्या होगा
ये सभी ग्रुप साल 2015 के NOS-DCP-2015 नियमों के तहत काम करेंगे। यह भारत सरकार का सबसे बड़ा प्लान है जो समुद्री क्षेत्र में तेल रिसाव और प्रदूषण को रोकने के लिए बनाया गया है। इस पूरे सिस्टम को तैयार करने में Indian Coast Guard की मुख्य भूमिका रही है।
समुद्री प्रदूषण से होने वाले नुकसान और जरूरत
सरकार द्वारा जारी सरकारी संकल्प (GR) में साफ कहा गया है कि समुद्र में तेल या किसी भी खतरनाक केमिकल (HNS) के रिसाव से पर्यावरण, वन्यजीवों और राज्य की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो सकता है। ऐसे हादसों के समय अगर तुरंत और सही कदम उठाए जाएं, तो बड़े नुकसान को टाला जा सकता है। इसी वजह से इन विशेष टीमों का गठन किया गया है।