Maharashtra: मीरा-भायंदर के RTO ऑफिसर Prasad Nalawade को एक धमकी भरा फोन आया है। फोन करने वाले ने खुद को Bishnoi गैंग से जुड़ा बताया और मराठी भाषा की अनिवार्यता वाले नियम को वापस लेने की मांग की। यह घटना तब हुई जब ऑफिसर
Maharashtra: मीरा-भायंदर के RTO ऑफिसर Prasad Nalawade को एक धमकी भरा फोन आया है। फोन करने वाले ने खुद को Bishnoi गैंग से जुड़ा बताया और मराठी भाषा की अनिवार्यता वाले नियम को वापस लेने की मांग की। यह घटना तब हुई जब ऑफिसर Nalawade बेंगलुरु में थे। उन्होंने इस मामले की शिकायत काशीगांव पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है।
क्या है पूरा विवाद और धमकी की वजह
राज्य सरकार ने मीरा-भायंदर में ऑटो-रिक्शा परमिट के वेरिफिकेशन के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया है। इस नियम के कारण ऑटो यूनियन नाराज हैं और 9 अप्रैल 2026 को उन्होंने हड़ताल भी की थी। परिवहन मंत्री Pratap Sarnaik ने साफ किया है कि जो ड्राइवर मराठी नहीं जानते, उनका लाइसेंस सस्पेंड या कैंसिल किया जा सकता है। इसी सख्ती के बीच RTO अधिकारी को धमकी मिली है।
पुलिस जांच और सरकार का क्या कहना है
DCP Rahul Chavan ने बताया कि धमकी देने वाला व्यक्ति कर्नाटक से हो सकता है, इसलिए जांच वहां की पुलिस के साथ मिलकर की जा सकती है। वहीं मंत्री Pratap Sarnaik ने कहा कि ऐसी छोटी धमकियों से सरकार नहीं डरेगी और नियम सख्ती से लागू रहेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि धमकी देने वाले के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।
अब तक की कार्रवाई की मुख्य बातें
| विवरण |
जानकारी |
| चेक किए गए लाइसेंस |
1,800 से ज्यादा |
| विवाद का कारण |
मराठी भाषा की अनिवार्यता |
| शिकायत दर्ज स्थान |
काशीगांव पुलिस स्टेशन |
| संदिग्ध कॉल का स्थान |
कर्नाटक |
| मंत्री का स्टैंड |
नियम लागू रहेगा, कानूनी कार्रवाई होगी |