Maharashtra में RTO कर्मचारियों की हड़ताल का सातवां दिन, सोमवार को दफ्तरों में होगा प्रदर्शन

Maharashtra: राज्यभर के RTO दफ्तरों में क्लर्क कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल अब सातवें दिन भी जारी रही। सरकार और प्रशासन की तरफ से कोई ठोस जवाब न मिलने के कारण कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है। अब दबाव बनाने के लि

Maharashtra: राज्यभर के RTO दफ्तरों में क्लर्क कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल अब सातवें दिन भी जारी रही। सरकार और प्रशासन की तरफ से कोई ठोस जवाब न मिलने के कारण कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है। अब दबाव बनाने के लिए सोमवार, 22 जून की सुबह राज्य के सभी RTO कार्यालयों में दो घंटे का सामूहिक धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

यह हड़ताल 16 जून 2026 से शुरू हुई थी। कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासन उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रहा है और केवल समय बिताने की कोशिश कर रहा है। RTO कर्मचारी यूनियन के महासचिव सुरेंद्र सरटापे ने बताया कि अगर सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो 24 जून से राज्यभर के RTO दफ्तरों के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।

इस हड़ताल की वजह साल 2022 में क्लर्क विभाग के पुनर्गठन से जुड़ी है। यूनियन की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • भर्ती नियमों (Service Recruitment Rules) को जल्द से जल्द अधिसूचित करना।
  • लंबे समय से रुके हुए प्रमोशन का निपटारा करना।
  • सर्विस के सालों के आधार पर वित्तीय लाभ देना।
  • ऑफिस सुपरिटेंडेंट और क्लास-III पदों के लिए भर्ती नियम तय करना।

इस विरोध प्रदर्शन का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के बाल मलकीत सिंह ने बताया कि गाड़ियों के कागजात, रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस और फिटनेस सर्टिफिकेट जैसे जरूरी कामों में भारी देरी हो रही है, जिससे ट्रांसपोर्ट सेक्टर और व्यापारियों को नुकसान हो रहा है।

कल्याण के डिप्टी आरटीओ आशुतोष बरकुल ने कहा कि आम लोगों की परेशानी कम करने के लिए अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। हालांकि, मुंबई के मुकाबले राज्य के अन्य जिलों के RTO दफ्तरों में कामकाज पूरी तरह ठप होने की स्थिति बनी हुई है। इससे पहले ट्रांसपोर्ट कमिश्नर राजेश नरवेकर और ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाईक के साथ हुई बैठकें भी बेनतीजा रही थीं।