Maharashtra में RTO कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, मंगलवार से रुकेंगे गाड़ी के कागजात और अन्य काम
Maharashtra: राज्य के सभी RTO ऑफिस और बॉर्डर चेक पोस्ट के 1,400 से ज्यादा क्लर्क मंगलवार, 16 जून 2026 से अनिश्चितकालीन पेन-डाउन हड़ताल पर जा रहे हैं। इस हड़ताल की वजह से मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में RTO से जुड़े जरूरी
Maharashtra: राज्य के सभी RTO ऑफिस और बॉर्डर चेक पोस्ट के 1,400 से ज्यादा क्लर्क मंगलवार, 16 जून 2026 से अनिश्चितकालीन पेन-डाउन हड़ताल पर जा रहे हैं। इस हड़ताल की वजह से मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में RTO से जुड़े जरूरी काम अटक सकते हैं, जिससे आम जनता को काफी परेशानी होने की संभावना है।
यह हड़ताल ‘मोटर वाहन विभाग कर्मचारी संगठन महाराष्ट्र’ के नेतृत्व में की जा रही है। कर्मचारियों की मुख्य शिकायत यह है कि पिछले चार साल से उनके प्रमोशन रुके हुए हैं। यूनियन के महासचिव सुरेंद्र सरतापे ने बताया कि उन्होंने परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक और परिवहन आयुक्त राजेश नरवेकर से कई बार मुलाकात की और याचिकाएं भी दीं, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
कर्मचारियों की मांगों की लिस्ट काफी लंबी है, जिसमें मुख्य रूप से ये बातें शामिल हैं:
- मंत्रालय स्तर पर रुके हुए प्रमोशन दिए जाएं।
- सर्विस एंट्री नियमों को लागू किया जाए।
- क्लर्क टाइपिस्ट और सीनियर क्लर्क का पद बदलकर उन्हें ‘ट्रांसपोर्ट असिस्टेंट’ और ‘सीनियर ट्रांसपोर्ट असिस्टेंट’ बनाया जाए।
- ACP प्लान और समयबद्ध प्रमोशन की सुविधा मिले।
- ट्रांसफर और डेप्युटेशन नियमों को सुलझाया जाए।
- उन 56 कर्मचारियों को वापस बहाल किया जाए जिनके प्रमोशन रद्द कर उन्हें नीचे के पदों पर भेज दिया गया था, साथ ही उन्हें आर्थिक नुकसान की भरपाई मिले।
यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष जगदीश कांडे के मुताबिक, सितंबर 2022 में विभाग के संगठनात्मक ढांचे को मंजूरी मिल गई थी, लेकिन भर्ती के बाद के सर्विस नियमों को बनाने में अब तक चार साल लग चुके हैं। प्रशासनिक गड़बड़ियों के कारण करीब 400 अधिकारी और कर्मचारी महाराष्ट्र प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (MAT) का दरवाजा खटखटा चुके हैं। परिवहन मंत्री के लिखित निर्देशों के बावजूद विभाग ने अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है, जिसके कारण कर्मचारियों ने अब हड़ताल का रास्ता चुना है।