Maharashtra में नदी में बहे सैकड़ों LPG सिलेंडर, Raigad प्रशासन ने लोगों को इन्हें न छूने की दी चेतावनी

Maharashtra/Raigad: रायगढ़ के रसायनी MIDC इलाके में स्थित HP Gas बॉटलिंग प्लांट से करीब 2,000 से ज्यादा LPG सिलेंडर बाढ़ के पानी में बहकर पातालगंगा नदी में चले गए। यह घटना बुधवार, 8 जुलाई 2026 को हुई जब प्लांट के पास से

Maharashtra/Raigad: रायगढ़ के रसायनी MIDC इलाके में स्थित HP Gas बॉटलिंग प्लांट से करीब 2,000 से ज्यादा LPG सिलेंडर बाढ़ के पानी में बहकर पातालगंगा नदी में चले गए। यह घटना बुधवार, 8 जुलाई 2026 को हुई जब प्लांट के पास से गुजरने वाले एक चैनल में पानी भर गया। अब प्रशासन और बचाव टीमें इन सिलेंडरों को वापस निकालने के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

पतालगंगा नदी खलापुर, पनवेल और पेन तालुकों से होते हुए अरब सागर में जाकर मिलती है। कुछ सिलेंडर उरण के करंजा इलाके में समुद्र के किनारे भी देखे गए हैं, जो प्लांट से करीब 16 किलोमीटर दूर है। जिला प्रशासन और NDRF की टीमें दूसरे दिन भी नदी के किनारों पर तलाशी ले रही हैं। अब तक रसायनी पुलिस और हेल्प फाउंडेशन NGO के वॉलंटियर्स ने लगभग 1,000 सिलेंडर बरामद कर लिए हैं, जबकि स्थानीय लोगों ने भी 100 से ज्यादा सिलेंडर प्रशासन को सौंपे हैं।

रायगढ़ के जिला कलेक्टर किशन जावले ने आम जनता के लिए जरूरी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि नदी या किनारे पर मिलने वाले किसी भी सिलेंडर को खुद उठाने या छूने की कोशिश न करें। सिलेंडरों के अंदर गैस की मात्रा और उनकी हालत का पता नहीं है, जिससे गैस लीक होने या धमाका होने का खतरा हो सकता है। अगर किसी को सिलेंडर दिखे, तो तुरंत HPCL, नजदीकी गैस एजेंसी या जिला कंट्रोल रूम को सूचना दें। बरामद सिलेंडरों को HPCL बॉटलिंग प्लांट, किसी अधिकृत डीलर, खलापुर तहसीलदार ऑफिस या एसडीओ ऑफिस में जमा कराया जा सकता है।

खलापुर पुलिस इंस्पेक्टर अभिजीत भुजबल ने घटना की पुष्टि की है। वहीं, गैस लीक एक्सपर्ट धनंजय गीध का मानना है कि इलाके में क्लाउडबर्स्ट (बादल फटने) जैसी स्थिति की वजह से अचानक बाढ़ आई, जिससे प्लांट में 7 फीट तक पानी भर गया और सिलेंडर बह गए। जिला प्रशासन ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह पता चल सके कि क्या सुरक्षा नियमों की अनदेखी हुई और स्टोरेज यार्ड में बाढ़ आने का खतरा पहले से था या नहीं।