Maharashtra में किसानों की बल्ले-बल्ले, कर्ज माफी की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 2 लाख की गई, 56 लाख किसानों को मिलेगा फायदा
Maharashtra: राज्य सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर कर्ज माफी योजना के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इसकी घोषणा की, जिससे अब राज्य के करीब
Maharashtra: राज्य सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर कर्ज माफी योजना के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इसकी घोषणा की, जिससे अब राज्य के करीब 56 लाख किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इस पूरी योजना पर सरकार करीब 36,585 करोड़ रुपये खर्च करेगी और 30 जुलाई 2026 तक इसे लागू कर दिया जाएगा।
सरकार ने इस बार उन किसानों का खास ख्याल रखा है जिन्हें 2019 की महात्मा फुले योजना में मदद मिली थी। पहले उनके लिए कर्ज माफी की सीमा केवल 50,000 रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया है। इस फैसले से अकेले 13 लाख किसानों को फायदा होगा। इसके अलावा, इंसेंटिव पेमेंट के लिए नियम भी आसान कर दिए गए हैं। अब किसानों के लिए साल 2026-27 में नियमित भुगतान करना जरूरी नहीं है, बल्कि पिछले तीन सालों (2022-23, 2023-24 और 2024-25) में से किसी भी दो साल में नियमित भुगतान करने वाले 23 लाख अतिरिक्त किसान इसके पात्र होंगे।
कर्ज माफी से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई टेबल में समझें:
| नियम/शर्त | नया बदलाव |
|---|---|
| कर्ज माफी की सीमा (2019 लाभार्थी) | 50,000 रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये |
| ओवरड्यू लोन की सीमा | 2 लाख की लिमिट हटाई गई (बचा हुआ पैसा 31 मार्च 2027 तक जमा करना होगा) |
| कट-ऑफ समय सीमा | अब वित्त वर्ष 2026-27 तक के बकाया लोन शामिल होंगे |
| जमीन की शर्त | जमीन के आकार पर कोई पाबंदी नहीं है |
| आवेदन प्रक्रिया | पूरी तरह ऑनलाइन, बैंक खुद जानकारी पोर्टल पर डालेंगे |
| पात्र लोन | 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिए गए शॉर्ट टर्म क्रॉप लोन |
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह देश की सबसे बड़ी कर्ज माफी योजना है और इसका मकसद किसानों को साहूकारों के चंगुल से बचाकर उन्हें फिर से बैंक क्रेडिट से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र एकमात्र ऐसा राज्य है जिसने 2017, 2020 और अब 2026 में लगातार तीन बार कर्ज माफी लागू की है। कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने पुष्टि की है कि 30 जुलाई तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।