Maharashtra में प्राइवेट स्कूल शिक्षकों की BLO ड्यूटी पर विवाद, Bombay High Court ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब
Maharashtra: मुंबई के प्राइवेट अनएड स्कूलों और वहां के शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी (BLO) के लिए दिए गए नोटिस पर अब कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग (EC) से जवाब मांगा ह
Maharashtra: मुंबई के प्राइवेट अनएड स्कूलों और वहां के शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी (BLO) के लिए दिए गए नोटिस पर अब कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग (EC) से जवाब मांगा है। फिलहाल कोर्ट में यह बात सामने आई है कि उन शिक्षकों के खिलाफ अभी कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी जिन्होंने ड्यूटी जॉइन नहीं की है।
दरअसल, कई प्राइवेट स्कूलों ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि BLO ड्यूटी मुख्य रूप से सरकारी और अर्ध-सरकारी कर्मचारियों के लिए होती है। उनका तर्क है कि प्राइवेट शिक्षकों को इस काम में लगाने से स्कूलों का कामकाज प्रभावित होता है और छात्रों की पढ़ाई का नुकसान होता है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी सवाल उठाया कि जो शिक्षक इस काम में शामिल हुए हैं, क्या उन्होंने अपनी मर्जी से ऐसा किया है।
दूसरी तरफ, चुनाव आयोग ने कोर्ट को बताया कि मुंबई में करीब 120 शिक्षक पहले ही इस काम से जुड़ चुके हैं और फिलहाल किसी और अतिरिक्त स्टाफ की जरूरत नहीं है। आयोग का कहना है कि इन शिक्षकों ने अपनी इच्छा से इस ‘राष्ट्रीय कर्तव्य’ को निभाने का फैसला किया है। हालांकि, याचिकाकर्ताओं ने डर जताया कि ड्यूटी पर न जाने वाले शिक्षकों के खिलाफ FIR जैसी सख्त कार्रवाई हो सकती है, जैसा कि शहर के कुछ इलाकों में पहले देखा गया है।
कोर्ट ने चुनाव आयोग से 2 जुलाई 2026 तक जवाब मांगा है और इस मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई 2026 को होगी। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को वैध माना है। वहीं, पंजाब और हरियाणा (गुड़गांव) जैसे राज्यों में भी SIR एक्सरसाइज को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं, जहां ड्यूटी से लापरवाही बरतने पर FIR की चेतावनी दी गई है।