Maharashtra में PoP मूर्तियों के विसर्जन पर विवाद, HC में याचिकाकर्ताओं ने कहा- बड़े मंडलों को बचाने की कोशिश कर रही सरकार
Maharashtra: मुंबई में प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) की मूर्तियों के विसर्जन को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट में बहस छिड़ गई है। शुक्रवार को कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर करने वालों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने 6 फीट से ऊंच
Maharashtra: मुंबई में प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) की मूर्तियों के विसर्जन को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट में बहस छिड़ गई है। शुक्रवार को कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर करने वालों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने 6 फीट से ऊंची PoP मूर्तियों को प्राकृतिक जल निकायों में विसर्जित करने की अनुमति बड़े गणेश मंडलों को ‘बचाने’ के लिए दी है।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील मिहिर देसाई ने दलील दी कि सरकार ने शायद किसी दबाव में आकर यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का अधिकार जीवन के अधिकार (Article 21) का हिस्सा है और CPCB की गाइडलाइन्स राज्य की नीति से ऊपर हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सरकार के अपने अध्ययन में यह बात सामने आई थी कि PoP की मूर्तियां पानी में आसानी से नहीं घुलतीं और इनमें जहरीले रंगों का इस्तेमाल होता है।
दूसरी तरफ, राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल मिलind साठे ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगस्त 2025 की गाइडलाइन्स को इस साल भी जारी रखा जाए, जिसमें 6 फीट तक की मूर्तियों के लिए आर्टिफिशियल टैंक और उससे बड़ी मूर्तियों के लिए प्राकृतिक जल निकायों की अनुमति है। सरकार का तर्क है कि जब तक PoP रिसाइकिल करने का कोई ठोस तरीका नहीं मिल जाता, तब तक यह छूट जरूरी है।
कोर्ट में मूर्तिकारों की तरफ से वकील उदय वारुंजिकर ने कहा कि 6 फीट से ऊपर की मूर्तियों के विसर्जन का कोई व्यावहारिक विकल्प नहीं है। उन्होंने मांग की कि मिट्टी की मूर्तियों की ओर धीरे-धीरे बढ़ने के लिए एक से दो साल का और समय दिया जाए क्योंकि यह बदलाव रातों-रात नहीं हो सकता।
इस मामले पर जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाता ने मूर्तिकारों से सवाल किया कि वे अब भी PoP का इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान होता है। कोर्ट ने याद दिलाया कि मूर्तिकारों को पहले ही एक साल का समय दिया जा चुका था। जजों ने यह सवाल भी उठाया कि क्या व्यावसायिक हितों को पर्यावरण और समाज की भलाई से ऊपर रखा जा सकता है। इस मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी।