Maharashtra में बगावत के बीच 6 शिवसेना (UBT) सांसदों को मिली Y-Plus सिक्योरिटी, संजय राउत ने बताया गद्दारों को सुरक्षा

Maharashtra: राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) के उन 6 सांसदों को महाराष्ट्र पुलिस ने Y-Plus सिक्योरिटी दे दी है, जिन्होंने पार्टी के व्हिप को नजरअंदाज किया था। यह फैसला तब आया है जब इन सां

Maharashtra: राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) के उन 6 सांसदों को महाराष्ट्र पुलिस ने Y-Plus सिक्योरिटी दे दी है, जिन्होंने पार्टी के व्हिप को नजरअंदाज किया था। यह फैसला तब आया है जब इन सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की चर्चाएं जोरों पर हैं और उन्हें खतरों का सामना करना पड़ सकता है।

इंटेलिजेंस कमिश्नर शिरीष जैन ने 17 जून 2026 को एक पत्र जारी कर इन सांसदों को तुरंत सुरक्षा देने का आदेश दिया। Y-Plus सिक्योरिटी में आमतौर पर 11 सुरक्षाकर्मी होते हैं, जिनमें 2 से 4 कमांडो और पुलिस अधिकारी शामिल होते हैं। यह सुरक्षा उन लोगों को दी जाती है जिन्हें मध्यम स्तर का खतरा होता है। इस सुरक्षा घेरे में एस्कॉर्ट गाड़ियां और पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) भी शामिल होते हैं।

जिन सांसदों को यह सुरक्षा मिली है, उनके नाम इस प्रकार हैं:

सांसद का नाम क्षेत्र
Sanjay Dina Patil Mumbai-Northeast
Sanjay Deshmukh Yavatmal-Washim
Sanjay Jadhav Parbhani
Bhausaheb Wakchaure Shirdi
Nagesh Patil-Ashtikar Hingoli
Omprakash Raje Nimbalkar Osmanabad/Dharashiv

इस पूरे मामले पर शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इन सांसदों को ‘गद्दार’, ‘बेईमान’ और ‘धोखेबाज’ कहा है। राउत ने चेतावनी दी कि पार्टी इनके खिलाफ ‘ऑपरेशन तुड़वा’ चलाएगी और कोर्ट से लेकर सड़क तक इनकी बगावत का मुकाबला करेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार उन लोगों को सुरक्षा क्यों दे रही है जिन्होंने पार्टी के साथ विश्वासघात किया है।

दूसरी तरफ, इन सांसदों के खिलाफ उनके अपने इलाकों जैसे धाराशिव, यवतमाल, परभणी, बीड़ और हिंगोली में शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया है। कार्यकर्ताओं ने धमकी दी है कि वे इन सांसदों को इलाके में आने नहीं देंगे। वहीं, चर्चा यह भी है कि शिंदे गुट इन सांसदों को दिल्ली से जयपुर शिफ्ट कर सकता है ताकि वे उद्धव ठाकरे की किसी बैठक में शामिल न हो सकें। अरविंद सावंत अब इन सांसदों की सदस्यता रद्द कराने के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार कर रहे हैं।