Maharashtra में जमीन सर्वे के 1.28 लाख केस पेंडिंग, सरकार अब 30 दिनों में पूरा करेगी प्रक्रिया

Maharashtra: राज्य में जमीन की पैमाइश यानी सर्वे के लिए लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। विधानसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र में फिलहाल 1,28,290 जमीन सर्वे के मामले लंबित हैं। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावन

Maharashtra: राज्य में जमीन की पैमाइश यानी सर्वे के लिए लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। विधानसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र में फिलहाल 1,28,290 जमीन सर्वे के मामले लंबित हैं। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि एक आवेदन को सुलझाने में औसतन 121 दिन का समय लग रहा है। यह जानकारी विधायक भीमराव तापकिर के सवाल के जवाब में दी गई।

जमीन सर्वे में होने वाली इस देरी को खत्म करने के लिए सरकार ने कई बड़े बदलाव किए हैं। मार्च 2026 में महाराष्ट्र लैंड रेवेन्यू रूल्स में बदलाव किया गया, जिससे अब जिला स्तर पर टेंडर के जरिए लाइसेंस प्राप्त सर्वेक्षकों (Licensed Surveyors) की नियुक्ति की जा सकेगी। इसके साथ ही अप्रैल 2026 से प्राइवेट सर्वे एजेंसियों को भी सरकारी सिस्टम से जोड़ा गया है ताकि जमीन से जुड़ी मंजूरियां जल्दी मिल सकें।

आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने सर्वे पूरा करने का समय 60-90 दिनों से घटाकर अब सिर्फ 30 दिन करने का लक्ष्य रखा है। इस काम को तेज करने के लिए लैंड रिकॉर्ड विभाग को हाई-टेक बनाया जा रहा है, जिसमें 1,500 रोवर मशीनें तैनात की जाएंगी और 994 नए पदों पर भर्तियां की जाएंगी।

इसके अलावा, सरकार एक ऐसी व्यवस्था पर काम कर रही है जिससे जमीन की रजिस्ट्री से पहले ही उसकी आधिकारिक पैमाइश हो जाए। इसमें जमीन का सही क्षेत्रफल, लंबाई-चौड़ाई और भौगोलिक लोकेशन (Coordinates) तय की जाएगी। इसके लिए राजस्व, पंजीकरण और स्टाम्प विभाग के नियमों में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि रजिस्ट्री के बाद टाइटल रिकॉर्ड को तुरंत अपडेट किया जा सके।