Maharashtra: पवनराजे निंबालकर मर्डर केस में सभी 8 आरोपी बरी, पूर्व गृहमंत्री पदमसिंह पाटिल को मिली राहत

Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल CBI कोर्ट ने 2006 के चर्चित पवनराजे निंबालकर हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पूर्व महाराष्ट्र गृहमंत्री और NCP-SP नेता पदमसिंह पाटिल समेत सभी आठ आरोपियों को बरी कर दिया है। को

Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल CBI कोर्ट ने 2006 के चर्चित पवनराजे निंबालकर हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पूर्व महाराष्ट्र गृहमंत्री और NCP-SP नेता पदमसिंह पाटिल समेत सभी आठ आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं मिले और गवाहों के बयान भरोसेमंद नहीं थे।

यह मामला 3 जून 2006 का है जब पूर्व MLA पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर समद काजी की नवी मुंबई के कलंबोली में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच पहले स्थानीय पुलिस और CID ने की थी, लेकिन बाद में बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर इसे CBI को सौंपा गया। जून 2009 में CBI ने मुख्य आरोपी पदमसिंह पाटिल को गिरफ्तार किया था, लेकिन अब 20 साल बाद कोर्ट ने सभी को दोषमुक्त कर दिया है।

स्पेशल CBI कोर्ट के जज सत्यनारायण नवंदर ने अपने फैसले में CBI की जांच में कई कमियां बताईं। कोर्ट ने पाया कि मोबाइल फोन रिकॉर्ड्स और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) जैसे जरूरी डिजिटल सबूत गायब थे। साथ ही, मुख्य गवाह और सरकारी गवाह (approver) परसमाल जैन की गवाही को कोर्ट ने अविश्वसनीय और विरोधाभासों से भरा बताया, जिससे साजिश की कड़ी साबित नहीं हो सकी।

इस केस में बरी होने वालों में पदमसिंह पाटिल के अलावा सतीश मंदाडे, मोहन शुक्ला, शशिकांत कुलकर्णी, कैलाश यादव, दिनेश तिवारी, पिंटू सिंह और छोटे पांडे शामिल हैं। कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपियों का दोष संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा।

वहीं, CBI ने इस फैसले पर असंतोष जताया है और कहा है कि उनके पास आरोपियों के खिलाफ अच्छे सबूत थे। CBI अब इस फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती देगी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी, जिसके बाद CBI ने अपील करने का निर्णय लिया।

पवनराजे निंबालकर के बेटे और शिव सेना (UBT) सांसद ओमराजे निंबालकर ने इस फैसले पर निराशा जताई है, हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है और अब वे हाई कोर्ट से न्याय की उम्मीद करेंगे।