Maharashtra में मंगलवार को बंद रही पान की दुकानें, FDA की कार्रवाई के खिलाफ व्यापारियों ने किया प्रदर्शन
Maharashtra: राज्य भर में मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को हजारों पान की दुकानें बंद रहीं। महाराष्ट्र पान व्यापारी महासंघ के आह्वान पर दुकानदारों ने इस बंद का समर्थन किया। यह विरोध प्रदर्शन Food and Drug Administration (FDA) की
Maharashtra: राज्य भर में मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को हजारों पान की दुकानें बंद रहीं। महाराष्ट्र पान व्यापारी महासंघ के आह्वान पर दुकानदारों ने इस बंद का समर्थन किया। यह विरोध प्रदर्शन Food and Drug Administration (FDA) की सख्त कार्रवाई और व्यापारियों पर लगाए जा रहे गंभीर आपराधिक आरोपों के खिलाफ किया गया।
व्यापारियों का कहना है कि FDA और पुलिस प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद बेचने के मामले में उन पर IPC की धारा 328 और MCOCA जैसे कड़े कानून लगा रहे हैं। धारा 328 जहर देने या हानिकारक पदार्थ से चोट पहुँचाने से जुड़ी है, जबकि MCOCA संगठित अपराध के खिलाफ कानून है। व्यापारियों का तर्क है कि वे Food Safety and Standards Act के तहत कार्रवाई सहने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें अपराधियों की तरह ट्रीट नहीं किया जाना चाहिए।
FDA कमिश्नर Tukaram Mundhe ने प्रतिबंधित पान मसाला, गुटखा और मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। उन्होंने साफ किया है कि घटिया या प्रतिबंधित सामान बेचने वालों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। हाल ही में FDA ने बड़े पैमाने पर छापेमारी की है। मई के आखिरी हफ्ते में 1.58 करोड़ रुपये का माल जब्त कर 102 लोगों को गिरफ्तार किया गया, वहीं जून के पहले हफ्ते में 195 छापों में 2 करोड़ रुपये का सामान जब्त हुआ और 192 लोग पकड़े गए।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अजीत सूर्यवंशी ने बताया कि छोटे व्यापारियों को संगठित अपराधी मानना गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि धारा 328 के इस्तेमाल का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और दो हाई कोर्ट पहले ही कह चुके हैं कि ऐसे मामलों में यह धारा लागू नहीं होती। व्यापारियों ने अपनी मांगें खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री नरहरि झिरवाल को सौंपी हैं।
व्यापारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- छोटे व्यापारियों पर MCOCA और IPC की धारा 328 का इस्तेमाल बंद हो।
- फ्लेवर्ड तंबाकू उत्पादों पर लगा बैन हटाया जाए।
- दुकानदारों को 10 लाख रुपये तक का बिना गारंटी वाला लोन मिले।
- हर व्यापारी परिवार के एक सदस्य को सरकारी या अर्ध-सरकारी नौकरी दी जाए।
- करीब 10 लाख व्यापारियों और उन पर निर्भर 2 करोड़ लोगों के कल्याण के लिए एक डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन बनाया जाए।