Maharashtra के Palghar में बनेगा देश का पहला Offshore Airport, 10 लाख लोगों को मिल सकते हैं रोजगार
Maharashtra/Palghar: महाराष्ट्र के पालघर जिले में देश का पहला ऑफशोर एयरपोर्ट यानी समुद्र के बीच एयरपोर्ट बनाने की तैयारी चल रही है। यह एयरपोर्ट कोरे बीच के पास बनाया जाएगा, जिससे मुंबई के हवाई अड्डों पर यात्रियों का दबाव
Maharashtra/Palghar: महाराष्ट्र के पालघर जिले में देश का पहला ऑफशोर एयरपोर्ट यानी समुद्र के बीच एयरपोर्ट बनाने की तैयारी चल रही है। यह एयरपोर्ट कोरे बीच के पास बनाया जाएगा, जिससे मुंबई के हवाई अड्डों पर यात्रियों का दबाव कम होगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में इस जगह का दौरा किया और अधिकारियों को प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
इस बड़े प्रोजेक्ट का मकसद सिर्फ हवाई यात्रा को आसान बनाना नहीं है, बल्कि इलाके की अर्थव्यवस्था को बदलना भी है। प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट में इस प्रोजेक्ट को संभव बताया गया है, जिसके बाद अब काम आगे बढ़ेगा। उम्मीद है कि इसका निर्माण 2026 में शुरू होगा और 2030 के शुरुआती सालों तक यह चालू हो जाएगा।
इस एयरपोर्ट की क्षमता बहुत बड़ी होगी, जहाँ हर साल करीब 9 करोड़ यात्री और 30 लाख मीट्रिक टन कार्गो सामान संभाला जा सकेगा। इसमें दो पैरेलल रनवे बनाए जाएंगे। कनेक्टिविटी के लिए मुख्यमंत्री ने उत्तन-विरार सी लिंक को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि मुंबई से एयरपोर्ट तक सीधे पहुंचा जा सके।
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रस्तावित जगह | कोरे बीच, पालघर जिला |
| यात्री क्षमता | 9 करोड़ सालाना |
| कार्गो क्षमता | 30 लाख मीट्रिक टन सालाना |
| अनुमानित लागत | ₹45,000 करोड़ से ₹76,220 करोड़ |
| रोजगार के अवसर | लगभग 10 लाख नौकरियां |
| कनेक्टिविटी | सी लिंक, बुलेट ट्रेन और एक्सप्रेसवे |
स्थानीय लोगों के लिए यह प्रोजेक्ट वरदान साबित हो सकता है। लॉजिस्टिक्स, शिपिंग और फ्रेट जैसे सेक्टरों में करीब 10 लाख नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही, पास में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन स्टेशन होने से पालघर का शहरी विकास तेजी से होगा। वधवन और मुरबे पोर्ट्स के जरिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार बढ़ेगा और आसपास के इलाकों में जमीन की कीमतों और रियल एस्टेट में भी उछाल आने की संभावना है।