Maharashtra: राज्य की OBC उप-समिति ने एक बड़ा कदम उठाते हुए नॉन-क्रीमी लेयर की आय सीमा को 8 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने की सिफारिश की है। यह फैसला 19 मई 2026 को हुई एक बैठक में लिया गया। इस बदलाव से उन मध्यमवर्
Maharashtra: राज्य की OBC उप-समिति ने एक बड़ा कदम उठाते हुए नॉन-क्रीमी लेयर की आय सीमा को 8 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने की सिफारिश की है। यह फैसला 19 मई 2026 को हुई एक बैठक में लिया गया। इस बदलाव से उन मध्यमवर्गीय OBC परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जो बढ़ती महंगाई और सैलरी बढ़ने की वजह से अब तक आरक्षण के लाभ से वंचित हो रहे थे।
लिमिट बढ़ाने के पीछे क्या है मुख्य वजह?
समिति का मानना है कि महंगाई और रहने के खर्च में काफी बढ़ोतरी हुई है। साथ ही 7वें वेतन आयोग के बाद सरकारी कर्मचारियों की सैलरी बढ़ी है, जिससे कई परिवार 8 लाख की सीमा को पार कर गए। अब अगर यह लिमिट 15 लाख रुपये होती है, तो बड़ी संख्या में लोग दोबारा आरक्षण के दायरे में आ जाएंगे और उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
समिति ने और कौन से बड़े फैसले लिए?
राजस्व मंत्री Chandrashekhar Bawankule की अध्यक्षता वाली इस बैठक में कई अन्य मुद्दों पर भी बात हुई। समिति ने 43 नई जातियों को केंद्र की OBC लिस्ट में शामिल करने का प्रस्ताव NCBC को भेजने पर सहमति जताई है। इसके अलावा कास्ट स्क्रूटिनी कमेटी के पेंडिंग केस जल्द सुलझाने, OBC छात्रों को शिक्षा में छूट दिलाने और विभिन्न निगमों में नियुक्तियों को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
आगे की प्रक्रिया और चुनौतियां क्या हैं?
इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के साथ एक बैठक तय की जाएगी। हालांकि, केंद्र सरकार का रुख फिलहाल अलग है। मार्च 2026 में केंद्रीय मंत्री Virendra Kumar ने लोकसभा में कहा था कि वर्तमान आय सीमा पर्याप्त है और इसे बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट किया है कि क्रीमी लेयर का फैसला सिर्फ आय के आधार पर नहीं, बल्कि माता-पिता के पद और स्टेटस के आधार पर होना चाहिए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नॉन-क्रीमी लेयर की लिमिट बढ़ाने से किसे फायदा होगा?
उन OBC परिवारों को फायदा होगा जिनकी सालाना आय 8 लाख से 15 लाख रुपये के बीच है। वे अब आरक्षण के लाभ के लिए पात्र हो सकेंगे।
क्या यह सिफारिश अभी लागू हो गई है?
नहीं, यह अभी उप-समिति की सिफारिश है। इस पर मुख्यमंत्री के साथ बैठक होगी और अंतिम निर्णय केंद्र सरकार (DoPT) द्वारा लिया जाएगा।